सर्वाइकल कैंसर की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने सकारात्मक और ठोस पहल की है। इसके तहत उदयपुर जिले में महिलाओं और किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया गया है। मुद्द को लेकर दैनिक भास्कर के लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित किए जाने के बाद सरकार हरकत में आई है। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मार्च-अप्रैल के बाद पहले तीन माह तक जिले के करीब 40 स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीका लगाया जाएगा। इसके बाद इसे यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में दूसरे नियमित टीकों की तरह शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार उदयपुर संभाग में इस समय 10 हजार 314 महिलाएं और बच्चियां सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित हैं या जोखिम की श्रेणी में हैं। ऐसे में यह अभियान इस रोग की रोकथाम में मील का पत्थर साबित होगा। शुरुआत 14 से 15 वर्ष आयु की लड़कियों से आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में यह टीका 14 से 15 वर्ष आयु की लड़कियों को लगेगा। इससे कुल जनसंख्या की लगभग 1% लक्षित आबादी को कवर किया जाएगा। अनाथालयों में रहने वाली बच्चियों को वार्डन की सूची के आधार पर टीका लगेगा। दूसरी बच्चियों के लिए माता-पिता की सहमति और आयु घोषणा पत्र अनिवार्य होगा। सभी मेडिकल ऑफिसर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अभियान के लिए हर टीम में एक वैक्सीनेटर, एक वेरीफायर, एक मोबिलाइजर (आशा/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) और सहयोग के लिए वॉलंटियर तैनात रहेंगे। कोविड मॉडल पर होगी व्यवस्था यह अभियान कोविड वैक्सीनेशन मॉडल की तरह डिजिटल और ट्रैक्ड सिस्टम से चलेगा। यू-विन प्लेटफॉर्म से पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग होगी। गार्डासिल नाम की एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसे 2 से 8 डिग्री के नियंत्रित तापमान में सुरक्षित रखा जाएगा। हर केंद्र पर ये तीन व्यवस्थाएं अनिवार्य सीएमएचओ ने कहा- टीके मिलते ही वैक्सीनेशन
“जैसे ही टीके मुहैया होंगे, नियमानुसार सभी को लगाए जाएंगे। तैयारी पूरी कर ली गई है।” – डॉ. अशोक आदित्य, सीएमएचओ, उदयपुर


