राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) हॉस्पिटल में आज एक 3 साल की बच्ची की कॉकलियर इंप्लांट सर्जरी की गई। ये इस हॉस्पिटल की पहली सर्जरी है। इस बच्ची के जन्म से ही आवाज न सुनने की बीमारी थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने इसकी सर्जरी करके शरीर में आवाज के सिग्नल रीड करने वाली मशीन (कॉकलियर) लगाई। आरयूएचएस में ईएनटी डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया- अभी तक जयपुर में ये सर्जरी SMS और जयपुरिया हॉस्पिटल में ही हुई है, लेकिन आरयूएचएस में ये पहली सर्जरी है। भीलवाड़ा की तीन साल की बच्ची वामिका के ये सफल सर्जरी की गई। डॉ. ग्रोवर ने बताया- इस मरीज को अब 2 साल तक स्पीच और हियरिंग थेरेपी करवाई जाएगी, जिसके बाद बच्ची को सुनने और समझने की क्षमता विकसित होगी। डॉक्टरों के मुताबिक जिन बच्चों में जन्म से ही सुनने की क्षमता नहीं होती, उनको जल्दी से जल्दी कॉकलियर इंप्लांट की सर्जरी करवानी चाहिए, ताकि उसके रिजल्ट अच्छे रहे। 5 और बच्चे वेटिंग में, जल्द होगी सर्जरी डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया- RUHS में ही 5 और बच्चे अभी इस सर्जरी के लिए वेटिंग में है, जिनका जल्द हम ऑपरेशन करने की रणनीति तैयार कर रहे है। उन्होंने बताया- इस ऑपरेशन में खर्चा 8 लाख रुपए से अधिक का आता है, क्योंकि इसमें लगने वाला इंप्लांट ही करीब 8 लाख रुपए की राशि का होता है।


