3 साल बाद होने वाली फिजिकल कलेक्टर कमिश्नर काॅन्फ्रेंस में राज्य सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और कमजोर 5 जिलों की समीक्षा की जाएगी। दो दिन तक चलने वाली काॅन्फ्रेंस में 8 सेशन होंगे और एक सेशन के लिए 75 मिनट का समय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अगले तीन सालों और 2047 के विजन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर इस काॅन्फ्रेंस में कलेक्टरों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 7 एवं 8 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस को लेकर सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। इसमें जिन विषयों पर चर्चा की जाना है उसमें संबंधित अधिकारी को प्रजेंटेशन के लिए अधिकतम 20 मिनट मिलेंगे। इस दौरान हर क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बताई जाएंगी। साथ ही सीएम मोहन यादव के विजन के अनुरूप केंद्र और राज्य सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और कमजोर 5 जिलों की समीक्षा की जाएगी। काॅन्फ्रेंस में कलेक्टरों के सुझावों पर ध्यान केंद्रित कर आने वाली विशिष्ट समस्याएं और मुद्दे तथा जिला स्तर पर उस क्षेत्र के साथ अन्य किसी क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार पर चर्चा की जायेगी। CM-CS सचिवालय करेंगे कार्यक्रमों की समीक्षा
मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना विभाग चुनिंदा कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। इसमें जिलों में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नवाचार तथा जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक संवाद (जन संवाद) वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अच्छे रिजल्ट लाने पर चर्चा होगी। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, लोगों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और बेहतर प्रयासों के बारे में जागरुकता पर चर्चा होगी। काॅन्फ्रेंस का उद्घाटन सत्र 7 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा परिचय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के संबोधन से होगा। पहले दिन ऐसे चलेंगे सेशन 8 अक्टूबर को दिन भर ऐसा रहेगा बैठकों का दौर


