इंदिरा ग्रुप के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से 30 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। रिमांड के दौरान उदयपुर पुलिस की जांच में सामने आया है कि भट्ट के खिलाफ मुंबई में भी फिल्म निर्माण से जुड़े धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। भट्ट की पंजीकृत फर्म हरेकृष्णा वर्ष 2023-24 में भारी कर्ज में डूब चुकी थी। फर्म पर 10 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज हो गया था। इनमें से एक इनवेस्टर अमोल अशोक देशमुख ने 1 मार्च 2023 को भट्ट के खिलाफ 1 करोड़ 39 लाख 30 हजार 999 रुपए की धोखाधड़ी का मामला मुंबई के अंबोली पुलिस थाने में दर्ज कराया था। यह केस भी कोर्ट में विचाराधीन है। इसी दौरान उदयपुर के सहेली नगर निवासी आरोपी दिनेश कटारिया ने डॉ. मुर्डिया को उनकी दिवंगत पत्नी इंदिरा मुर्डिया की स्मृति में बायोपिक सहित अन्य फिल्मों के निर्माण का झांसा दिया और फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट से मिलाया। यह सौदा आगे चलकर 30 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी में तब्दील हो गया। इस मामले में जोधपुर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी, जिसमें उदयपुर पुलिस अपना पक्ष रखेगी। आरोपी भट्ट दंपती 16 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर है, इन्हें उसी दिन उदयपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा। वेंडरों को भुगतान दिखाकर 60% तक रकम वापस खुद के खाते में ली
जांच में पता चला कि डॉ. मुर्डिया से भट्ट ने अपनी फर्मों और अन्य बैंक खातों में करोड़ों रुपए 700 जमा कराए। इनमें से 40 बड़े भुगतान वाले वेंडरों के बैंक खातों की जांच हो रही है। यह फर्जीवाड़ा 2.50 करोड़ के पहले भुगतान से ही शुरू हो गया था। यह राशि भट्ट ने अपने खाते में ली। फिर वेंडरों के खातों में ट्रांसफर कराया। बाद में भट्ट ने वेंडरों से 40 से 60% राशि अपने बैंक खाते में वापस ले ली।


