भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को झुंझुनूं जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने ‘क्रय विक्रय सहकारी समिति ढंढार’ के व्यवस्थापक महिपाल सिंह को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी किसानों से उनकी फसल (मूंग) को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तुलवाने के एवज में अवैध वसूली कर रहा था। एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एक परिवादी ने झुंझुनूं चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार परिवादी ने अपने पिता और ताऊ के करीब 100 क्विंटल मूंग की तुलाई सहकारी समिति ढंढार में करवाई थी। व्यवस्थापक महिपाल सिंह इस तुलाई के बदले 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत मांग रहा था। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा प्रत्येक किसान से शपथ पत्र (Affidavit) के नाम पर अलग से 5,000 रुपये की मांग की जा रही थी। गोपनीय सत्यापन और ट्रैप की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 05 जनवरी 2026 को मामले का गोपनीय सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई, जिसमें आरोपी 30,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ। आज 12 जनवरी 2026 को रणनीति के तहत परिवादी को रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया। जैसे ही महिपाल सिंह ने 30,000 रुपये लिए, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। रिश्वत की राशि आरोपी की जैकेट की जेब से बरामद की गई है। यह सफल ऑपरेशन जयपुर और झुंझुनूं एसीबी की संयुक्त निगरानी में पूरा किया गया। झुंझुनूं ACB ASP नरेन्द्र कुमार पूनिया और ACB DSP शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। ACB ASP नरेन्द्र कुमार पूनिया ने बताया कि एसीबी की टीम फिलहाल आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों की तलाशी ले रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। ब्यूरो अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस रैकेट में समिति के कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।


