31 दिसंबर थी फायर एनओसी की डेडलाइन:एक्ट का ड्राफ्ट फाइनल नहीं, एनओसी के 800 केस पेंडिंग

विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले मप्र में फायर एक्ट का ड्राफ्ट सीनियर सेक्रेटरी समिति में रखा गया था, पर सहमति नहीं मिली थी। इस ड्राफ्ट पर अब तक काम चल रहा है, और अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। वहीं, अलग-अलग स्तर पर फायर एनओसी के लगभग 800 मामले अटके हुए हैं। इनमें इंडस्ट्री के फायर एनओसी के नवीनीकरण के मामले भी हैं। साल 2022 में विभाग ने फायर एनओसी को लेकर जारी सर्कुलर में निर्देश थे कि साल 2022 से पहले बनी जिन कमर्शियल -इंडस्ट्रियल बिल्डिंगों में उपयोग शुरू हो चुका है, यदि फायर एनओसी नहीं ली गई है तो दो महीने के अंदर संबधित निकाय के सामने फायर प्लान प्रस्तुत करना था। साल 2024 में विभाग की समीक्षा में इसका मामला सामने आने पर निकायों को कार्रवाई के निर्देश दिए। बाद में इसकी डेडलाइन बढ़ी और फिर बीते साल डेडलाइन 31 दिसंबर 2025 कर दी। हालांकि, अभी इसके और आगे बढ़ाने पर प्रस्ताव शासन में लंबित है। नगर पालिका 2.0 मॉड्यूल के चलते आ रही दिक्कत पुरे प्रदेश में लगभग 800 फायर एनओसी के मामले लंबित हैं। संभाग में संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन; निगम क्षेत्र में निगमायुक्त तो ग्रामीण क्षेत्र में कलेक्टर एनओसी देते हैं। निगम क्षेत्र के लिए ई नगरपालिका 2.0 में नया मॉड्यूल अपडेट हो रहा है, पर कई जगह इसमें दिक्कतें हैं। इंडस्ट्री में भोपाल क्षेत्र में ही 20-30 नवीनीकरण आवेदन लंबित हैं। क्योंकि इसके लिए जरुरी एसएमएस नहीं आ रहे हैं। नगरीय प्रशासन के मुताबिक अब ऐसे मामलों को नए एनओसी की तरह अनुमति दी जा रही है।

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