भास्कर न्यूज| महासमुंद पिथौरा ब्लॉक के जाडामुडा धान खरीदी केंद्र में साल 2023-24 के दौरान 19 से अधिक किसानों के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई। किसानों का आरोप है कि केंद्र के तत्कालीन समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मिलीभगत कर उनके पसीने की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब मेहनत से उपजाया धान बेचने के बाद भी किसानों के बैंक खातों में राशि नहीं पहुंची। जांच और पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। समिति प्रबंधक उमेश भोई और कंप्यूटर ऑपरेटरों (मनीष प्रधान व मनोज प्रधान) ने वास्तविक किसानों के धान को उनके खातों में न चढ़ाकर, धोखे से दूसरे (फर्जी) खातों में दर्ज कर दिया। शातिर तरीके से कुल 32 लाख 90 हजार रुपए की राशि निकाल ली गई। जैसे ही घोटाले की परतें खुलने लगीं, आरोपी प्रबंधक और ऑपरेटर केंद्र छोड़कर फरार हो गए। धोखाधड़ी का शिकार हुई एक महिला किसान प्रेमशीला प्रधान के बेटे ने तहसीलदार पिथौरा को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के अनुसार प्रेमशीला प्रधान ने 216 बोरी (86 क्विंटल 40 किलो) धान केंद्र में जमा किया था। उस वक्त उन्हें 2,67,840 रुपये की तौल पर्ची भी दी गई। आरोपियों ने यह कहकर उन्हें गुमराह किया कि सर्वर धीमा है। आज स्थिति यह है कि आरोपी फरार हैं और वास्तविक किसान अपने ही पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कई किसानों के पास घर चलाने या अगली फसल की तैयारी के लिए पूंजी तक नहीं बची है। प्रशासन की सुस्त कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। यह केवल पैसों की चोरी नहीं, बल्कि एक किसान के भरोसे का कत्ल है। अन्य किसानों का कहना है कि शासन-प्रशासन को चाहिए कि फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर किसानों के बकाए का भुगतान तुरंत करे।


