छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए कोरिया, सूरजपुर, बिलासपुर, सरगुजा, कोरबा और जशपुर इन छह जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ आने की चेतावनी दी है। इन जिलों को AOC यानी एरिया ऑफ कंसर्न के कैटेगरी में डाला गया है। आज यानी आज भी पूरे प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। ये स्थिति अगले एक सप्ताह तक बनी रहेगी, इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों खासकर बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं गुरुवार को प्रदेश के 12 से अधिक जिलों के 114 स्थानों में बारिश हुई है। 26.75 मिमी औसतन बारिश पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड की गई है। रायगढ़ जिले में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया है। शहर के दुर्गा विहार कॉलोनी, विनोबा नगर और कुछ मोहल्लों के घरों में भी पानी घुस गया। कोरबा में रेलवे कर्मचारी बह गया। रेलवे ट्रैक कर्मचारी नाले के तेज बहाव में बह गया कोरापुट-किरंदुल रेल लाइन पर लैंड स्लाइड बस्तर में लगातार बारिश के कारण कोरापुट-किरंदुल रेल लाइन पर लैंड स्लाइड हो गई है। मिट्टी और चट्टानें कटकर ट्रैक पर गिर गईं, जिससे रूट बाधित हो गया। किरंदुल-विशाखापट्टनम और हीराखंड दो ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। फिलहाल रूट को बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। बारिश की और तस्वीरें देखिए सरगुजा में उफान पर नदी-नाले उत्तरी हिस्से यानी सरगुजा संभाग में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। कोरबा जिले में भारी बारिश से कई घरों में पानी घुस गया। एक घर का बरामदा और बाथरूम अचानक भरभराकर गिर गया। परिवार वालों की जान बाल-बाल बची। तापमान की बात करें तो बुधवार को 30.6°C के साथ अम्बिकापुर सबसे गर्म रहा और 21.2°C डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ पेंड्रा सबसे ठंडा रहा। जून में 22% कम बरसा पानी, बलरामपुर में सबसे ज्यादा 1 जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में 188.6MM बारिश हो चुकी है। जबकि पूरे जून में नॉर्मली 215 MM बारिश रिकॉर्ड की जाती है। इस लिहाज से अब तक बारिश लगभग 12% कम हुई है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में हुई है। यहां सामान्य से लगभग 121% प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा है। जिले में अब तक 345.6 MM पानी बरस चुका है। जबकि सामान्य तौर पर 138 MM ही पानी गिरता है। वहीं सबसे कम बारिश राजनांदगांव और बेमेतरा में हुई है। प्रदेश के आंकड़ों पर ओवरऑल बात करें तो एक जिले में सामान्य से बहुत अधिक पानी गिरा है। नौ जिलों में सामान्य पानी बरसा है। 20 जिलों में नॉर्मल से कम पानी गिरा है। 2 जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है। इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ


