कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आमसभा राजधानी रायपुर में 7 जुलाई को होगी। चुनाव से सवा तीन साल पहले किसान, जवान और संविधान नाम से होने वाली इस आमसभा को कांग्रेस ने चुनावी सभा की तर्ज पर करने की प्लानिंग की है। इस सभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्व मंत्री-पूर्व विधायकों के साथ तमाम दिग्गज नेताओं को 50 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का टारगेट दिया गया है। इसके लिए 34 संगठन जिलों में अलग-अलग नेताओं को प्रभारी बनाया गया है। पीसीसी की आेर से जारी सूची में कहा गया है कि सभी प्रभारी संबंधित जिलों का दौरा कर वहां के पदाधिकारियों, मोर्चा-प्रकोष्ठों के अध्यक्षों, क्षेत्रीय विधायक, पूर्व प्रत्याशियों व निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बैठक लें और उनसे यह भी पूछें कि वे अपने जिलों के कितने लोगों को इस कार्यक्रम में ला सकते हैं। जिला प्रभारियों से पांच तारीख तक जिलेवार संख्या की जानकारी मांगी गई है ताकि कार्यक्रम की तैयारी पूरी की जा सके। जनहित के मुद्दों के बहाने लोगों को जोड़ने की कोशिश कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 17 महीने की भाजपा सरकार में हर वर्ग उपेक्षित है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। ऐसे में लोगों से जुड़े जनहित के इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस यह आयोजन कर रही है। इस सम्मेलन का नाम किसान, जवान और संविधान इसलिए दिया गया है, क्योंकि किसानों से धान खरीदी का एकमुश्त भुगतान नहीं करना, खाद-बीज की कालाबाजारी, सिंचाई पंप की महंगी बिजली जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसी तरह प्रदेश में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा अब तक अधर में है। युक्तियुक्तकरण से 12 हजार शिक्षकों का पद विलोपित कर दिया गया है। नौकरी के लिए वेकेंसी नहीं निकाली जा रही है। पुलिस और वन विभाग की भर्ती में गड़बड़ी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बस्तर कनिष्ठ चयन बोर्ड को लगभग बंद कर दिया। कांग्रेस के मुताबिक भाजपा लोकसभा में 400 सीट लाकर संविधान बदलने का दावा कर रही थी, लेकिन जनता ने उन्हें सबक सिखा दिया। एससी, एसटी, ओबीसी का हक मारना चाहती है। जल, जंगल, जमीन के साथ ही लोगों के मौलिक अधिकारों को खत्म करना चाहती है। यातायात प्रभावित न हो इसलिए भाठागांव पर रहेगा ज्यादा फोकस
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने अपने दौरे के दौरान प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ साइंस कॉलेज मैदान का दौरा किया था, लेकिन कांग्रेस जिस तरह से भीड़ जुटाने का टारगेट लेकर चल रही है। इस लिहाज से रायपुर शहर के भीतर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में कार्यक्रम होने से यातायात व्यवस्था चौपट होने की संभावना है। इसे देखते हुए भाठागांव बस स्टैंड के पास स्थित खाली मैदान में कार्यक्रम करने की प्लानिंग भी की जा रही है।


