रायपुर में एक मैनेजर की बैडमिंटन कोर्ट में मौत हो गई है। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है। आशंका है कि मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद हो पाएगी। दैनिक भास्कर को मृतक के भाई ने बताया कि वह सिगरेट शराब से दूर था। इसके बावजूद अचानक मौत से परिवार दुखी और हैरान है। 4 महीने पहले छत्तीसगढ़ी एक्टर की भी हार्ट अटैक से मौत हुई थी। एक्टर राजेश अवस्थी बिल्कुल फिट बताए जाते थे। अंबिकापुर में भी एक युवा कारोबारी स्कूटी शुरू करने के दौरान गिरे और मौत हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया था। इन केस की स्टडी करते हुए दैनिक भास्कर ने डॉक्टर से भी चर्चा की। आपको इस रिपोर्ट में बताएंगे हार्ट-अटैक से कैसे बचें, क्या लक्षण हैं, क्यों होता है, पहले जानिए ये 3 केस 35 साल के मृतक हिमांशु श्रीवास्तव रायपुर की एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर थे। वह सेक्टर 4 भिलाई का रहने वाले थे और रायपुर के खुशी इनक्लेव अमलीडीह में अपनी पत्नी के साथ रह रहे थे। शुक्रवार को हिमांशु सप्रे शाला स्कूल में बैडमिंटन खेलने के बाद रेस्ट करने के लिए कोर्ट थोड़ा बाहर निकलकर जमीन पर बैठे। कुछ देर बात करने के दौरान ही अचानक मुंह के बल गिर गए। वहां मौजूद लोगों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। जहां से लोग उसे मेकाहारा अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। ये पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। फिटनेस का खास ख्याल रखता था हिमांशु दैनिक भास्कर ने हिमांशु के भाई शुभम श्रीवास्तव से बातचीत की। शुभम ने बताया कि हिमांशु का एक ढाई साल का बेटा भी है। हिमांशु 6 महीने पहले ही पत्नी और बच्चे के साथ रायपुर आया था। उसे बैडमिंटन खेलने का शौक था, वह भिलाई में भी अलग-अलग एकेडमी में अक्सर जाता था। घटना के दिन सुबह करीब 7 बजे वह घर से बैडमिंटन खेलने के लिए निकला था। अपनी फिटनेस को लेकर अवेयर था। हिमांशु सिगरेट और शराब जैसे नशे से भी दूर था। उसने कुछ साल पहले नॉनवेज खाना भी छोड़ दिया था। वह परिवार और दोस्तों में घुल मिलकर रहता था। 1 महीने पहले ही हिमांशु ने परिवार के साथ मिलकर एनिवर्सरी भी सेलिब्रेट की थी। 3 फरवरी 2025 की सुबह खबर आई कि एक्टर और भाजपा नेता राजेश अवस्थी का निधन हो गया। नेता-अफसर जो भी उन्हें जानते थे, इस मौत से दुखी और हैरत में थे। राजेश करीब 41 साल के थे, वो अपने पीछे 8 साल का बेटा, 15 साल की बेटी छोड़ गए। दिखने में बिल्कुल फिट राजेश को लेकर ये बात सामने आई कि अचानक आए हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हुआ। 3 मई को अंबिकापुर के युवा बस कारोबारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। स्कूटी में बैठते समय अचानक हार्ट में दर्द हुआ, फिर नीचे गिर गया। इसका लाइव सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान इंद्रजीत सिंह बाबरा उर्फ सन्नी (35 साल) के रूप में हुई। वह ओल्ड बाबरा बस के संचालक थे। शुक्रवार की शाम संगम चौक के पास अपनी स्कूटी स्टार्ट करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया। आसपास कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने उन पर ध्यान नहीं दिया। अब सवाल ये उठ रहे हैं फिट और यंग लोगों को भी अचानक हार्ट अटैक क्यों आ रहे? क्या कोविड काल के बाद ऐसा अधिक हो रहा? क्या इसके कोई स्पेसिफिक कारण हैं? इंसान को कैसे पता चले कि उनके दिल में चल क्या रहा है? क्या वो अंदर से बीमार है? दैनिक भास्कर की टीम ने मेकाहारा के डिपार्टमेंट ऑफ कार्डियोलॉजी के हेड डॉ स्मित श्रीवास्तव से भी बातचीत की- डॉ स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि हार्ट के ज्यादातर मरीज तंबाकू और गुड़ाखू का सेवन करने वाले हैं। यही कॉमन प्रॉब्लम मिली है, जिसकी वजह से हार्ट की बीमारी बढ़ रही। 50 प्रतिशत केस में यह देखा गया है कि लोगों की सीधे मौत भी हो जाती है। हार्ट अटैक की समस्या प्रमुख रूप से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से होती है। इसके अलावा फेफड़ों में क्लॉटिंग, ब्रेन में ब्लीडिंग, ड्रग्स लेने या दिल की किसी बीमारी की वजह से भी हार्टअटैक आ सकता है। किसी भी प्रकार का शक होने पर डॉक्टर से सलाह लें। गर्मी से 233% तक बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम मेडिकल जर्नल सर्कुलेशन में पब्लिश हुई एक स्टडी के मुताबिक, अमेरिका में ज्यादा गर्मी की वजह से हार्ट अटैक से हुई मौतें इस सदी के बीच तक 162% तक बढ़ सकती है। अगर ग्रीनहाउस गैसों को कम करने के लिए बहुत कदम नहीं उठाए गए, तो एक अनुमान यह भी है कि 2036 से 2065 के बीच ज्यादा गर्मी की वजह से हार्ट अटैक से हो रही मौतों में 233% तक बढ़ोतरी हो सकती है। मेकाहारा में सालभर में 29 हजार मरीज आए डॉक्टर ने बताया कि, जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 के बीच रायपुर मेकाहारा में हृदयरोग के 29 हजार मरीज सामने आए। ये आंकड़ा सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर अस्पताल के हृदय रोग विभाग OPD का है। हमारी टीम ने 29 हजार 106 हार्ट पेशेंट्स को ट्रीटमेंट दी है। ये मरीज साल दर साल बढ़ रहे हैं। पुरी दुनिया में 24% मौत हार्ट अटैक से होती है।


