दुर्ग जिले के नारथा गांव में स्थित रुक्खड़ नाथ धाम अपनी अनोखी परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर की स्थापना काशी के जूना अखाड़ा से आए तपस्वी बाबा रुक्खड़ नाथ गिरी महाराज (रुक्खड़ स्वामी) ने लगभग 200 से 350 साल पहले की थी। इस मंदिर की खासियत गाय के गोबर से बनी हनुमानजी की प्रतिमा है। मान्यता है कि बाबा रुक्खड़ नाथ ने खुद अपने हाथों से मंदिर की दीवार पर गोबर से यह मूर्ति बनाई थी। यह प्रतिमा दुनिया की दुर्लभ मूर्तियों में गिनी जाती है, जो सैकड़ों साों बाद भी सुरक्षित बनी हुई है। हाल ही में भिलाई पहुंचे पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी कथा के दौरान इस मंदिर का जिक्र किया था। इसके बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी। इसी वजह से मंदिर में नई-नई परंपराएं शुरू होने लगी हैं। आरोप है कि इस मंदिर के मुख्य पूजारी के छोटे भाई रामगिरी गोस्वामी की भाजपा नेता चंद्रहाश गिरी गोस्वामी और उनके साथियों ने पिटाई की है। बताया जा रहा है कि विवाद महायज्ञ के आयोजन को लेकर हुआ। आरोप है कि यज्ञ के नाम पर चंदा वसूली किया जा रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। देखिए मारपीट की पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? आरोप है कि 12 फरवरी की रात बीजेपी नेता चंद्रहास गिरी गोस्वामी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मंदिर के मुख्य पुजारी के छोटे भाई रामगिरी गोस्वामी की जमकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों के मुताबिक, यह विवाद महायज्ञ आयोजन को लेकर हुआ। बताया जा रहा है कि चंद्रहास गिरी गोस्वामी 16 फरवरी को पहली बार रुद्र महायज्ञ का आयोजन कराना चाहते हैं। इसमें बड़े नेताओं को बुलाने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए मंदिर परिसर में यज्ञ के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। दूसरी ओर मंदिर समिति इस आयोजन के पक्ष में नहीं है। इस विषय पर पहले भी विवाद हो चुका है। दुकान पीछे लगाने को लेकर पुजारी से विवाद बीजेपी नेता चंद्रहास गिरी गोस्वामी ने मंदिर के आसपास नारियल, फूल और अन्य पूजन सामग्री की दुकानों को पीछे लगाने की बात कही थी। इसी परिसर में मंदिर के मुख्य पुजारी भीम महाराज की भी दुकान है। पुजारी ने दुकान पीछे करने से इनकार कर दिया। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। इधर, चंद्रहास गिरी गोस्वामी का कहना है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोट लगी। इसके बाद उन्होंने जवाबी कार्रवाई की। यज्ञ के नाम पर चंदा वसूली का आरोप मंदिर समिति और चंद्रहास गिरी गोस्वामी के बीच महायज्ञ को लेकर लगातार मतभेद बना हुआ है। मंदिर समिति का कहना है कि जैसे हर साल सामान्य तरीके से आयोजन होता रहा है, उसी तरह आयोजन होना चाहिए। वहीं चंद्रहास गिरी और उनके समर्थक इस बार बड़े स्तर पर महायज्ञ कराने पर अड़े हैं। आरोप है कि इसके लिए कई दिनों से लोगों से चंदा भी वसूला जा रहा है। बड़े नेताओं को बुलाने की तैयारी की जा रही है। मंदिर समिति न तो महायज्ञ के पक्ष में है और न ही चंदा वसूली के। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद गहराता जा रहा है। गड्ढे खोदने से परिसर को नुकसान बताया जा रहा है कि महायज्ञ की तैयारी के नाम पर मंच के पास और मंदिर परिसर में बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। इससे मंदिर परिसर और मंच को नुकसान पहुंचा है। कुछ दिन पहले इसी मुद्दे पर गाली-गलौज और विवाद जैसी स्थिति बनी थी। बताया जा रहा है कि मंदिर की देखरेख एक ही परिवार के लोग करते हैं। पहले इसे लेकर कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद अब सभी पक्ष सक्रिय हो गए हैं। गांव वालों को आयोजन में शामिल नहीं किया गया गांव के सरपंच का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच कोई तालमेल नहीं है। सरपंच के अनुसार, पहले यहां इस तरह का आयोजन नहीं होता था। करीब 10 साल पहले एक बार बड़ा आयोजन हुआ था। लेकिन जब से पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस मंदिर का उल्लेख किया, तब से यहां श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले जहां रोजाना 3 से 4 लोग आते थे, अब 100 से 200 श्रद्धालु रोज पहुंच रहे हैं। मंदिर में चढ़ावा भी बढ़ने लगा है। सरपंच का आरोप है कि महायज्ञ आयोजन को लेकर बीजेपी नेता ने गांव वालों को किसी तरह शामिल नहीं किया। विवाद की जानकारी पूरे गांव को है। दोनों पक्षों ने दर्ज कराया मामला इस पूरे मामले में चंद्रहास गिरी गोस्वामी का कहना है कि महायज्ञ और भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए दुकानों को पीछे लगाने की बात कही गई थी। इसी दौरान रामगिरी गोस्वामी ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। बाद में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी इसमें शामिल हो गए। चंद्रहास गिरी गोस्वामी ने खुद के घायल होने का दावा करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर पुजारी के भाई रामगिरी गोस्वामी की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फिलहाल, जामुल थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।


