37 दिन बाद भी बेसुराग ‘रितेश’, पुलिस पर दबाव:लॉयल्टी टेस्ट में दोनों परिवार पास, मजिस्ट्रेट महादेव की अदालत में सुनवाई आज

ग्वालियर के मोहनपुर गांव से लापता हुए तीन साल ‘रितेश पाल’ का 37 दिन बाद भी कोई पता नहीं चला है। आज भी पुलिस वहीं खड़ी है जहां से जांच शुरू की थी। बच्चे की तलाश में पुलिस ने 500 से ज्यादा जवान-अफसर जंगल में सर्चिंग के लिए उतारने, ड्रोन से सर्चिंग करने के बाद भी खाली हाथ है। बीते मंगलवार (02 दिसंबर) को लापता बच्चे की मां और पिता का परिवार पुलिस के कहने पर मजिस्ट्रेट महादेव (गिरगांव मंदिर) की अदालत में पहुंचे थे।
दोनों पक्ष (मां और पिता के परिवार के सदस्यों) ने मजिस्ट्रेट महादेव के सामने कसम खाई थी कि बच्चे के लापता होने में कोई हाथ नहीं है। महादेव की पंचायत में 5 दिन का समय दिया था। कहा था कि किसी भी पक्ष का 50 हजार या उससे ज्यादा नुकसान होता है या जनहानि या पशु हानि होती है तो वह दोषी माना जाएगा। शनिवार को पांच दिन बीत गए हैं और दोनों पक्ष निर्दोष साबित हुए हैं। अब रविवार को फिर महादेव की अदालत में दोनों पक्ष सुनवाई के लिए पहुंचेंगे। लॉयल्टी टेस्ट में दोनों परिवार पास अब आगे क्या?
मजिस्ट्रेट महादेव के सामने पांच दिन पहले मंगलवार को लापता रितेश के परिजन आमने-सामने बैठे थे। यहां महापंचायत बुलाई गई थी और महादेव की अदालत में दोनों परिवारों के आरोपों के बाद लॉयल्टी टेस्ट हुआ था। जिसमें दोनों परिवारों ने महादेव के सामने धर्म (कसम) खाई थी। लॉयल्टी टेस्ट में दोनों परिवार पास हो गए हैं। अब आगे क्या होगा इसके लिए पंच अमर सिंह बताते हैं कि पांच दिन पूरे होने के बाद फिर महादेव की अदालत में दोनों परिवार आएंगे। रविवार को फिर परिवार आमने-सामने होंगे। कोई गिला-शिकवा रह गया होगा तो बात आगे बढ़ेगी नहीं तो महादेव की तरफ से दोनों निर्दोष साबित होंगे। अब पुलिस पर बढ़ेगा बच्चे को तलाशने का दबाव
पुलिस ने मासूम रितेश पाल की तलाश में जंगल में सर्चिंग, सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड), सर्विलांस सिस्टम खंगाल लिया है। कई रिश्तेदारों को उठाकर पूछताछ कर ली है। बच्चे के मां-पिता को पकड़कर थाना में टॉर्चर भी कर लिया, लेकिन कोई टस से मस नहीं हो रहा है। पुलिस को संदेह है कि बच्चा दोनों परिवारों और उनके मिलने वालों के बीच में है। अब पुलिस के सामने नई चुनौती यह आ गई है कि बच्चे को कैसे तलाशें। पुलिस पहले ही अपने सारे एंगल तलाश चुकी है, लेकिन बच्चे तक पहुंचना तो दूर उसके बारे में एक सुराग भी नहीं लगा है। परिजन पर बच्चे को गायब करने का संदेह
पुलिस को पूरा संदेह है कि बच्चे की मां सपना, मामी ज्योति पाल पर उसके लापता होने के बारे में कुछ न कुछ जानती हैं। कई बार पुलिस इनके साथ मारपीट कर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली है। लापता की मां सपना व मामी ज्योति पाल का कहना है कि हमारे बच्चे को गायब हुए 37 दिन हो गए हैं। पुलिस प्रयास कर रही है, लेकिन पर हम पर भी दबाव बना रही है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया- बच्चे को लापता हुए 37 दिन का समय हाे गया है। पुलिस की टीम लगातार बच्चे की तलाश में लगी हुई हैं। हमें विश्वास है कि जल्द बच्चे को खोज लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… ग्वालियर में महादेव के दरबार में ढाई घंटे चली पंचायत ग्वालियर में 32 दिन से लापता मासूम रितेश की तलाश में पुलिस लगभग सभी एंगल पर जांच कर चुकी है। पुलिस को बच्चे की मां और पिता के परिवारों पर शक है। पुलिस की सलाह पर मंगलवार को गिरगांव महादेव की अदालत में यह मामला दर्ज हुआ। दोपहर 12 बजे मासूम की खोज के लिए महापंचायत शुरू हुई, जो 2.30 बजे तक चली। पूरी खबर पढ़ें

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