जिले में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की लापरवाही के कारण, एक महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे का निर्माण कार्य महीनों बाद भी अधूरा पड़ा है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई 2024 में बिसाऊ-झुंझुनूं स्टेट हाईवे के लिए सड़क निर्माण की मंज़ूरी दी गई थी, लेकिन मंज़ूरी के छह महीने बीत जाने के बाद भी यह सड़क पूरी तरह से नहीं बन पाई है। सड़क पर गहरे गड्ढे और डामर का न होना लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। 39.22 करोड़ का बजट, काम हुआ सिर्फ 50% राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण सड़क के लिए 39 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। विशेष रूप से राज्य सरकार ने झुंझुनूं से बिसाऊ सड़क को नए सिरे से बनाने के लिए 39.22 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। यह सड़क सितंबर 2025 तक होनी थी तैयार * वर्तमान स्थिति: निर्माण कार्य अभी भी केवल 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। * लापरवाही का प्रमाण: PWD विभाग के अधिकारी इस काम को पूरा नहीं कर रहे हैं, जिससे विकास कार्य ठप्प पड़ गया है। * चूरू जिले की सीमा से बिसाऊ तक सड़क बन चुकी है। * बिसाऊ में रेलवे स्टेशन सर्किल से चार बंगला तक केवल ग्रेवल (कंकड़/रोड़ी) बिछाई गई है। * झुंझुनूं से बिसाऊ के बीच पुरानी सड़क को तोड़ दिया गया है, लेकिन इसके बाद नई सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया गया है, जिससे मार्ग और अधिक खराब हो गया है। PWD अधिकारियों का उनका कहना है कि जलभराव की समस्या के कारण डेढ़ किलोमीटर में सीसी (कंक्रीट) सड़क बनाने की मंज़ूरी नहीं आई है।


