4 दिन तेज गर्मी पड़ेगी, 4 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान:रायगढ़-बिलासपुर समेत 20 जिलों में यलो अलर्ट, रायपुर-दुर्ग में अंधड़ के साथ बौछारें पड़ेंगी

छत्तीसगढ़ में अगले 36 घंटों में तापमान में दो से चार डिग्री का इजाफा होगा। इसके बाद राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी बस्तर संभाग में आंधी चल सकती है, तेज बारिश हो सकती है। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने 20 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ सकता है। जिसका असर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दिखेगा। बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में तापमान 5 डिग्री तक कम हुआ है। दक्षिण-पश्चिम मानसून को समझिए दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसमी हवाओं को एक पैटर्न है। ये हवाएं दक्षिण-पश्चिम से बहकर आती हैं, जिसके कारण इन्हें दक्षिण-पश्चिम मानसून कहा जाता है। भारत के नजरिए से देखें तो ये मानसून खेती–किसानी के लिए महत्वपूर्ण है। कारण ये है कि जून से सितंबर के मध्य हवाओं का ये पैटर्न ही देश के बड़े हिस्सों में बारिश लाता है। अब जानिए किस जिले में कितनी बारिश होगी कवर्धा में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत सोमवार की बात करें तो सबसे अधिक तापमान 40.6 डिग्री रायपुर का रहा। वहीं सबसे कम तापमान 23.6 डिग्री पेन्ड्रा रोड में दर्ज किया गया। वहीं कवर्धा में किसान और उसकी पत्नी की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। दोनों प्याज की फसल को बारिश से बचाने के लिए खेत में तिरपाल लगाने गए थे। हादसा पंडरिया थाना इलाके के सिंगारपुर गांव में हुआ। मई में अंधड़-बारिश, यह पुराना ट्रेंड मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई में तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है। वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी। मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति बनती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा रहती हैं, उसी से मौसम में बदलाव की शुरुआत होती है।

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