4 सीएचसी, 5 पीएचसी में रविवार को इमरजेंसी बंद, सिविल में 3 गुना दबाव

छुट्‌टी के दिन अगर किसी को कोई गंभीर चोट या हादसे में कोई गंभीर घायल हो जाए तो पीएचसी या सीएचसी के भरोसे न रहें। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले में रविवार को प्राइमरी हेल्थ सेंटर में इमरजेंसी में मरीजों के इलाज की सुविधा नहीं है। वहीं अर्बन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में दोपहर 3 बजे के बाद इमरजेंसी बंद हो जाते हैं। इसके अलावा अवकाश के दिनों में सीएचसी तो बंद रहते हैं। मरीजों को हायर सेंटर सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज को जाना पड़ता है। रविवार को 30 मरीज तक इलाज को दाखिल होते हैं, जबकि सामान्य दिनों में 9 से 10 मरीज इलाज को आते हैं। रविवार को इमरजेंसी में इलाज को फिल्लौर, जमशेर, कादियांवाली, शाहपुर, जंडियाला, मिट्ठापुर आदि के मरीज इलाज को दाखिल होते हैं। शनिवार को जमशेर से एक बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए ‘108’ से इमरजेंसी में पहुंचे। परिजनों ने कहा कि बुजुर्ग महिला के शरीर में इंफेक्शन होने से गंभीर बीमार हैं। तनाव के कारण परिजनों और डॉक्टरों में मारपीट की नौबत नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर एक रिटायर हेल्थ अफसर ने बताया कि सिविल अस्पताल में मरीजों की भीड़ होने पर इलाज प्रभावित होता है। ऐसा होने से परिजनों और डॉक्टरों में मारपीट तक हो जाती हैं। इस वजह से इमरजेंसी में आए दिन हंगामे होते हैं। 3 बजे तक सीएचसी में इमरजेंसी नहीं… जालंधर के सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने बताया कि अर्बन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में स्टाफ की कमी होने से दोपहर 3 बजे के बाद इमरजेंसी सेवा बंद हो जाती है। मरीजों की परेशानी की 3 वजह…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *