भास्कर संवाददाता | पाली जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल मंे फर्जी तरीके से महंगे एल्बोमिन इंजेक्शन इश्यू करवा कर बाजार में खपा दिए गए। मामले का खुलासा होने पर दो नर्सिंग कर्मी सोहन, राहुल और टेक्नीशियन दिव्य पन्नू को हटा दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 40 से अधिक डॉक्टरों की फर्जी सील और फर्जी हस्ताक्षर से करीब 100 इंजेक्शन इश्यू करवा लिए थे। इनकी बाजार में कीमत 4 से 5 हजार रुपए है। यह फर्जीवाड़ा 3 माह से चल रहा था। गायनिक विभाग में फ्री में लगने वाला यह इंजेक्शन कभी-कभी ही काम में आता है। मामला जब पकड़ में आया जब एक डॉक्टर को वार्ड में मरीज को इंजेक्शन नहीं लगाने के बाद भी पर्ची दिखी। पर्ची पर डॉक्टर के फर्जी साइन थे। बांगड़ अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्य कमेटी का गठन किया। इंजेक्शन कहां बेचते थे, किस-किस की सीलें लगाईं आदि की जानकारी के लिए कलेक्टर एलएम मंत्री के निर्देश पर कमेटी का गठन किया है। विधायक भाटी बोले- एफआर होनी चाहिए विधायक भीमराज भाटी ने इस मामले को लेकर कलेक्टर से निष्पक्ष जांच करवाने व दोषियों के खिलाफ एफआईआर करवाने की मांग की है। इस मामले में पूरा खुलासा नहीं हुआ तो विधानसभा में उठाएंगे। अस्पताल में घोटाले हो रहे हैं। पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। पूर्व पार्षद किशोर सोमनानी ने आरोप लगाया कि टैबलेट सहित अन्य संसाधनों में भी घोटाले हो रहे हैं।


