पन्ना पुलिस ने बुधवार को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। इस गिरोह ने टेलीग्राम के माध्यम से टास्क और क्रिप्टो निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना मोहम्मद बशर को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया है। 40 बैंक खातों में अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन मिला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान ने 14 जनवरी को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी के पास से मिले 40 बैंक खातों में अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन पाया गया है। इस गिरोह के खिलाफ भारत के विभिन्न राज्यों में 400 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। मुख्य ठग चीन में बैठकर यह नेटवर्क चला रहे थे, जबकि मोहम्मद बशर उनके लिए भारत में ‘म्यूल अकाउंट’ (किराये के खाते) उपलब्ध कराता था। चौहान ने बताया कि यह गिरोह टेलीग्राम पर ‘कम निवेश में अधिक फायदा’ और ‘क्रिप्टो ट्रेडिंग’ का झांसा देकर लोगों को फंसाता था। चीनी लोगों की मदद से लोगों भारत में हो रही थी ठगी आरोपी मोहम्मद बशर चीनी नागरिकों के संपर्क में था। चीनी ठग एक विशेष एपीके फाइल भेजते थे, जिसे आरोपी उन मोबाइल फोनों में चलाता था जिनमें ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की सिम लगी होती थी। आरोपी को हर लेनदेन पर 1 से 5 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए लेनदेन के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो करेंसी यूएसडीटी (USDT) का उपयोग किया जाता था। पश्चिम बंगाल से आरोपी को किया गया गिरफ्तार इस मामले में अब तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कोलकाता से कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मोहम्मद बशर की गिरफ्तारी 8 सितंबर 2025 को पवई निवासी आफताब अंसारी द्वारा 5 लाख रुपए की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद हुई। पन्ना साइबर सेल और पवई पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी मोहम्मद बशर को कोलकाता से पकड़ा। आरोपी के पास से सात हाई-टेक स्मार्टफोन, छह एटीएम कार्ड और एक पैन कार्ड जब्त किया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपए है।


