गुरमीत लूथरा| अमृतसर पंजाब सरकार ने राज्य में नई इंडस्ट्री की स्थापना को 45 दिनों में मंजूरी देने का ऐलान किया है, जिसका उद्योगपतियों ने स्वागत किया है। हालांकि, कारोबारियों का मानना है कि ऐसे बदलावों से पहले सरकार को आधारभूत ढांचा मजबूत करना चाहिए और नौकरशाही से निजात दिलाते हुए माहौल सार्थक बनाना चाहिए। उद्योगपतियों का कहना है कि कथनी-करनी में फर्क न हो, नेकनीयती से बदलाव लागू होने से ही उद्योग प्रफुल्लित होगा। इसे लागू करने से पहले दुकानों व औद्योगिक इकाईयों पर किए जा रहे सर्वे एवं निरीक्षण के नाम पर की जा रही लूट-खसूट को पहले बंद किया जाना चाहिए। इसकी आड़ में उद्योगपतियों को नाजायज तंग किया जा रहा है। जिसे बंद किया जाए। भारतीय व्यापार मंडल के प्रदेश प्रधान राजीव अनेजा व वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य डा. सुरेश सूद ने कहा है कि सरकार की कथनी-करनी में अंतर हैं, सरकार काम कम कर रही है, काम का प्रचार ज्यादा कर रही है। हां, अगर सरकार की कथनी-करनी में अंतर न हो, सरकार बदलावों को नेकनीयती से लागू करे, तभी उद्योग व उद्योगपतियों को इन सुधारों व बदलावों का कोई फायदा हो सकता है। फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप खोलसा एवं उपप्रधान नवल गुप्ता ने कहा है कि पंजाब सरकार का 45 दिन में नई इंडस्ट्री को मंजूरी देने का फैसला स्वागतयोग्य है लेकिन इसे लागू करने से पहले सरकार को इंडस्ट्रियल आधारभूत ढांचे को मजबूत करना चाहिए। आलम यह है कि फोकल प्वाइंट में बिजली संबंंधी 24-24 घंटे फाल्ट ही ठीक नहीं होते हैं। दो साल से बिजली शिकायतों को दूर करने के लिए फोकल प्वाइंट में स्टाफ बढ़ाने की मांग एसोसिएशन द्वारा की जा रही है। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान सुरिंदर दुग्गल ने कहा है कि आप सरकार तो व्यापारियों को प्रफुल्लित करने की बजाए इंडस्ट्री का पतन करने में जुटी हुई है। आए दिन आबकार व कराधान विभाग के ईटीओ व अन्य अधिकारियों की टीम टैक्स के नाम पर जीएसटी सर्वे करने की आड में दुकानदारों व कारोबारियो को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के इस कदम से कारोबारी मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जीएसटी रिफंड तो समय पर व्यापारियों को अदा कर नहीं रही है, जबकि इसके विपरीत स्टाक चैक करने के नाम पर व्यापारियों को बेवजह तंग परेशान किया जा रहा है।


