बगड़ थाना क्षेत्र से लापता हुए 16 वर्षीय नाबालिग बालक को पुलिस ने मात्र 48 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर लिया है। इस सफलता ने न केवल पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दी है।बालक को सुरक्षित बरामद करने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। 21 नवंबर 2025 की सुबह परिवादी ने पुलिस थाना बगड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका 16 वर्षीय पुत्र सुबह परीक्षा देने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह न तो विद्यालय पहुंचा और न ही निर्धारित समय पर घर वापस लौटा परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, मित्रों और आस-पास के क्षेत्रों में सघन तलाश की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिजन बिना समय गंवाए पुलिस के पास पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) ने DSP झुंझुनूं ग्रामीण, हरिसिंह धायल के सुपरविजन में तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसकी कमान बगड़ थानाधिकारी हरजिंद्र सिंह को सौंपी गई।टीम का पहला कदम उन सभी संभावित स्थानों की सूची तैयार करना था, जहां नाबालिग का मूवमेंट हो सकता था। CCTV फुटेज: आस-पास के इलाकों और मार्गों के सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला गया।मोबाइल डेटा और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से बालक की अंतिम लोकेशन और संभावित मूवमेंट को ट्रेस किया गया। पुलिस टीम लगातार विभिन्न संदिग्ध स्थानों पर दबिश देती रही। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोपनीयता बनाए रखी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजावत ने बताया कि इस सफलता में तकनीकी साधनों का बेहतर उपयोग, सीसीटीवी की बारीकी से जांच और प्रभावी टीम वर्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थानाधिकारी हरजिंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने बच्चे को तुरंत बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया। बालक को उसके वारिसान (परिजनों) के सुपुर्द कर दिया गया।


