इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र के रोड़ नंबर 5,6 पर स्थित मित्तल पिगमेंट प्राइवेट लिमिटेड की दो फैक्ट्री पर मंगलवार सुबह आठ बजे से ही आयकर विभाग की टीम की बड़ी कार्रवाई चल रही है। आज कार्रवाई को चलते हुए तीसरा दिन है। लगातार 48 घंटे से जारी इस छापेमारी की कार्रवाई ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। अब तक यह आए सामने आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें न केवल कोटा, बल्कि दिल्ली, कठुआ (जम्मू-कश्मीर) और नागपुर (महाराष्ट्र) में भी एक साथ दबिश दी। कुल दस ठिकानों पर कार्रवाई चल अब भी जारी है। इस कार्रवाई में दिल्ली और हरियाणा से आई टीम के साथ ही राजस्थान की आयकर अन्वेषण शाखा भी जुड़ी हुई है। कोटा में तीन फैक्ट्री में जांच के दौरान आयकर अधिकारियों ने कंपनी से जुड़े कई अहम रिकॉर्ड खंगाले। फैक्ट्री मालिक रमेश चंद्र अग्रवाल, उनके दामाद अंकित अग्रवाल और रिश्तेदार के घरों पर भी जांच जारी है। अकाउंट्स और एचआर डिपार्टमेंट से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। जानकारी है कि छापेमारी 48 घंटे से अधिक समय तक चली और टीम को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डाटा मिले हैं। माना जा रहा है कि इनसे टैक्स चोरी का बड़ा खुलासा हो सकता है। कंपनी का कारोबार न सिर्फ देश बल्कि विदेशों तक फैला हुआ है और करोड़ों का माल रोजाना सप्लाई किया जाता है। मित्तल पिगमेंट कंपनी जिंक कारोबार और माइनिंग सेक्टर से जुड़ी हुई है। यहां जिंक और लेड बैटरी की प्लेटें तैयार की जाती हैं। फैक्ट्री में करीब ढाई से तीन सौ कर्मचारी दिन-रात काम करते हैं, जिनमें पचास के करीब स्थायी कर्मचारी हैं। भीमपुरा स्थित एनटीपी फैक्ट्रियों पर ब्राउन सोडा केमिकल और लेड प्लेटों का बड़ा हिस्सा तैयार किया जाता है। आयकर विभाग की इस कार्रवाई को लेकर उद्योग जगत में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी सामने आ सकती है। फिलहाल, आयकर अधिकारी कंपनी के वित्तीय लेन-देन, खातों, लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम की गहन जांच में जुटे हैं।


