डिस्कॉम ने पिछले सात महीने में 225 सतर्कता जांच (वीसीआर) करते हुए एक करोड़ 55 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। सतर्कता दल की ओर से इसमें से 39.72 लाख रुपए के राजस्व की वसूली की गई। सबसे अधिक बिजली चोरी के मामले गडरारोड सब डिवीजन से सामने आए हैं। अब तक यहां से 10 अवैध ट्रांसफार्मर पकड़े गए हैं। इनमें से सतर्कता दल की ओर से 4 ट्रांसफार्मर पकड़ने की कार्रवाई की गई। सतर्कता दल ने जून से अब तक 98 बिजली चोरों को पकड़ते हुए कुल 86.18 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इनमें से अब तक 16 लाख रुपए वसूल किए गए। डिस्कॉम की ओर से सतर्कता थाने में 48 बिजली चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। एक एईएन के भरोसे जिला, एक्सईएन का पद लंबे समय से रिक्त डिस्कॉम जिले में एक ही टीम होने से बिजली चोरी पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। जिला स्तर पर एक ही सतर्कता टीम है। एक्सईएन कार्यालय में एक्सईएन का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। पूरा जिला एक एईएन के भरोसे है। एईएन विजिलेंस कार्यालय में भी एईएन व सहायक प्रशासनिक अधिकारी के अलावा सभी पद रिक्त हैं। तीन तकनीकी सहायक जरूर लगाए गए हैं, लेकिन वे भी कार्य-व्यवस्था के तहत काम संभाल रहे हैं। जिले के प्रत्येक सब डिवीजन क्षेत्र में बिजली चोरी हो रही है। ग्रामीणों की ओर से शिकायतें करने के बाद भी समय पर विजिलेंस टीम के नहीं पहुंचने से बिजली चोरी खुलेआम हो रही है। सतर्कता दल ने पकड़े 12 अवैध ट्रांसफार्मर सतर्कता दल की ओर से इस साल अब तक 12 अवैध ट्रांसफार्मर पकड़े गए हैं। एईएन विजिलेंस दीपेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि जिले में शिकायतें मिलने के साथ टीम अपने स्तर पर भी लगातार कार्रवाई कर रही है। गडरारोड क्षेत्र से 4, शिव से 4, फागलिया से 2 तथा बाड़मेर शहर द्वितीय से एक अवैध ट्रांसफार्मर पकड़ा गया है। लोग अवैध ट्रांसफार्मर लगाकर खेती कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर जमीन के अंदर भी ट्रांसफार्मर छुपाकर खेती की जा रही थी। ऐसे ट्रांसफार्मर भी टीम की ओर से पकड़े गए हैं। जून से अब तक विजिलेंस थाना टीम के सहयोग से घरेलू, अघरेलू, कृषि व इंडस्ट्री कनेक्शनों की 225 वीसीआर सीट भरते हुए एक करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया। अब तक 39 लाख 72 हजार रुपए के राजस्व की वसूली हुई है। “जिले में बिजली चोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। सतर्कता दल एक्टिव मोड पर है। अब तक 225 वीसीआर सीट भरी गई हैं। सतर्कता दल, जिला स्तरीय विशेष टीम के अलावा एईएन की ओर से भी बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। सात महीने में अब तक 39 लाख 72 हजार रुपए के राजस्व की वसूली की गई है।” — अशोक मीणा, एसई, डिस्कॉम बाड़मेर


