5 साल के मासूम बेड डेड हो गई थी। उसके परिजनों ने लीवर और किडनी कर दो जिंदगियों बचा ली। मासूम के ऑर्गन को जोधपुर एम्स हास्पिटल से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एयरपोर्ट तक भिजवाया गया। इसके बाद फ्लाइट से भेजा गया है। नाबालिग बालोतरा जिले के गिड़ा तहसील निवासी है। बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे जोधपुर एम्स में 14 दिसंबर को भर्ती करवाया था। परिजन उसके शव को उसके गांव लेकर आ रहे है। दरअसल, बालोतरा गिड़ा निवासी भोमाराम (5) पुत्र भैराराम की 14 दिसंबर को ताने आकर तबीयत बिगड़ गई। उसके गिड़ा हॉस्पिटल लाया गया। वहां से उसे जोधपुर एम्स में भर्ती करवाया गया। वहां पर उसकी ब्रेड डेड हो गई। एम्स के डॉक्टरों ने परिजनों से ऑर्गन डोनेट करने को लेकर बातचीत की। पिता भैराराम की सहमति के बाद सोमवार को उसके लीवर और किडनी ऑर्गन को सुरक्षित वहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसे एयरपोर्ट भेजा गया। मासूम के दादा किशनाराम सेन ने बताया- ब्रेड डेड की एम्स के डॉक्टरों ने हमें सूचना दी। इसके बाद डॉक्टरों ने हमको ऑर्गन डोनेट करने की सलाह दी गई। इसके बाद ने पूरे परिवार से विचार-विमर्श करने के बाद रविवार को हमने सहमति दे दी। सोमवार को ऑर्गन डोनेट कर डॉक्टरों ने भोमाराम के शव को हमें सुपुर्द किया गया। जिसको लेकर हम गांव गिड़ा आ रहे है। एम्स डॉक्टर ने बताया- लीवर डोनेट हुआ जिसका ऑर्गन दिल्ली हॉस्पिटल भेजा गया है। किडनी यहीं जोधपुर में ट्रांसप्लांट हुई है।


