भास्कर न्यूज | बलौदाबाजार शहर में सड़क, पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका की आय का मुख्य स्रोत टैक्स ही है, लेकिन वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में पालिका को राजस्व वसूली को लेकर बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल 53 दिन शेष हैं और इस अवधि में पालिका को 2 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की वसूली करनी है। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे करदाता हैं, जिन्होंने वर्षों से संपत्ति कर और जलकर जमा नहीं किया है, जिससे पालिका की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ गया है। नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष विभिन्न करों से कुल 5 करोड़ 65 लाख 36 हजार रुपए की वसूली का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले अब तक केवल 3 करोड़ 9 लाख 64 हजार रुपए ही वसूल हो पाए हैं। अकेले जलकर का ही 30 लाख रुपए से अधिक बकाया है। शहर में जलकर दाताओं की संख्या 2 हजार 296 से अधिक है, जिनमें से करीब 2200 करदाता समय पर भुगतान नहीं कर रहे हैं। टैक्स वसूली के लिए लगाए छह कर्मचारी, दूसरे काम भी कर रहे: समय पर टैक्स वसूली नहीं होने का असर सफाई, जल ,विद्युत आपूर्ति, कर्मचारियों के वेतन जैसी अति आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी पड़ता है। पालिका शहर के 21 वार्डों में टैक्स वसूली के लिए छह कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी है, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए हैं। पालिका के ही कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने के आग्रह बताया कि इस वर्ष की वसूली में पिछले वर्ष का करीब 1 करोड़ 16 लाख 56 हजार रुपए बकाया भी शामिल है, जिसमें से अब तक केवल 63 लाख रुपए की ही वसूली हो पाई है। कर्मचारियों का कहना है कि बीते कई महीनों से उन्हें टैक्स वसूली की बजाय अन्य कार्यों में लगाया गया, जिससे लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हो सकी।हमेशा अलग-अलग कामों में उलझे रहे। नगर पालिका सीएमओ आशीष तिवारी ने बताया कि लंबे समय से टैक्स नहीं देने वाले बकायादारों की सूची तैयार की जा रही है। प्रथम चरण में बड़े बकायादारों पर कार्रवाई की जाएगी, जिनमें कई रसूखदार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कम समय बचा है, इसलिए लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने भी स्वीकार किया कि जलकर वसूली में अपेक्षित रुचि नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि बकायादारों की सूची तैयार कर ली गई है और वसूली के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। कुछ मामलों में करदाताओं की मृत्यु होने के कारण भी वसूली में दिक्कत आ रही है। वित्तीय वर्ष के अंतिम दो महीनों में राजस्व वसूली की रफ्तार बढ़ाना अब नगर पालिका के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। समय पर वसूली नहीं होने से शहर के विकास कार्यों और कर्मचारियों के वेतन पर असर पड़ सकता है, ऐसे में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। राजस्व की स्थिति पर नजर डालें तो संपत्ति कर के 1 करोड़ 44 लाख 9 हजार रुपए के लक्ष्य के मुकाबले केवल 47 लाख 83 हजार रुपए ही वसूले जा सके हैं। समेकित कर में 44 लाख 93 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध 18 लाख 94 हजार रुपए की वसूली हुई है। जलकर के 40 लाख 80 हजार रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 30 लाख 34 हजार रुपए वसूले गए हैं। दुकानों के किराए में 1 करोड़ 49 लाख 46 हजार रुपए की मांग के मुकाबले 43 लाख 56 हजार रुपए ही प्राप्त हुए हैं। यूजर चार्ज में 17 लाख 17 हजार रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 10 लाख 16 हजार रुपए वसूले गए हैं। अन्य करों से 1 करोड़ 68 लाख 81 हजार रुपए की पूरी वसूली हो चुकी है। कर्मी अनुमान लगा रहे हैं इस साल सिर्फ 75 प्रतिशत वसूली होगी। टैक्स कम वसूलने से छोटे-छोटे डामरीकरण का काम नहीं हो पाता।


