टीकमगढ़ में गुरुवार देर रात कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने आदिम जाति कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत दिगौड़ा स्थित 50 बिस्तरीय इस छात्रावास में केवल एक छात्र मौजूद मिला, जबकि 49 छात्र नदारद थे। यह स्थिति देखकर कलेक्टर ने तत्काल आदिमजाति कल्याण विभाग के अधिकारी मुकेश पालीवाल को फोन किया। उन्होंने पालीवाल को फटकार लगाते हुए जिले के सभी छात्रावासों का निरीक्षण करने और लापरवाही बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए। वार्डन से छात्रों की अनुपस्थिति का कारण पूछा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास प्रभारी से छात्रों की अनुपस्थिति का कारण पूछा। प्रभारी ने बताया कि छात्र दोपहर में मौजूद थे, लेकिन शाम को कड़ाके की ठंड के कारण वे अपने घर चले गए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने भी टीकमगढ़ के तीन छात्र छात्रावासों का निरीक्षण किया था। उस समय भोजन की गुणवत्ता खराब, शौचालय गंदे और ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़ों की कमी पाई गई थी। निर्देशों की अनदेखी, कलेक्टर निरीक्षण में लापरवाही उजागर मंत्री के निरीक्षण के बाद कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में संबंधित अधिकारियों को छात्रावासों की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया, जिसका परिणाम गुरुवार रात कलेक्टर के निरीक्षण में छात्रों की अनुपस्थिति के रूप में सामने आया।


