मकर संक्रांति में पतंग का खास महत्व है। राजधानी के पतंग प्रेमी- बड़े, बच्चे और युवा खरीदारी में लग गए हैं। पतंग दुकानों में इस समय काफी भीड़ चल रही है। कर्बला चौक स्थित तालिब पतंग सेंटर के संचालक मो. तालिब ने बताया कि वह पिता के साथ 5 साल की उम्र से पतंग बेच रहे हैं व आज दुकान को 56 वर्ष हो गए हैं। बताया कि उनकी दुकान में चाइना, कोरियन व जापान के कपड़े की पतंग मौजूद हैं। इस फोल्डिंग पतंग को मोड़ कर आसानी से रख सकते हैं। इसकी कीमत ₹500 है। इसमें 3 क्लिप हैं, जिससे कन्नी छेदने की जरूरत नहीं है। धागा फंसा कर बस हवा का रुख जिधर है, उधर आसानी से उड़ाया जा सकता है। मांझा-धागा व लटाई मैदानी धुला मंझा धागा ₹50 से ₹150 में बिक रहा है। लटाई संग मैदानी धुला मांझा धागा ₹400 से ₹3500 के हिसाब से बिक रहे हैं। लटाई में पीवीसी व लकड़ी के लटाई उपलब्ध हैं। इन्हें उत्तर प्रदेश (रामपुर, लखनऊ, मुरादाबाद), अहमदाबाद, सूरत, राजस्थान (जयपुर) से लाए गए हैं। कपड़े की फोल्डिंग पतंग में है कई आकार कोरियन, जापानी व चाइना के कपड़े के फोल्डिंग पतंगों में डॉलफिन, एरोप्लेन, टाइगर, रॉकेट, बटरफ्लाई आकार-प्रकार की पतंग ₹500 में बिक रही हैं। राजधानी की पतंग प्रेमी पूजा कुमारी, अदिति, प्रीति, मिष्टी व प्रिया ने जापानी कपड़े का पतंग और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पतंग खरीदीं। साधारण पतंगों की कीमत इस प्रकार हैं: ऑपरेशन सिंदूर पतंग-6, पीएम मोदी की तस्वीर वाली पतंग-6, जहाज पतंग-10, बटरफ्लाई पतंग-10, झालर पतंग-10, कागज की पतंग- 3-30, कार्टून पतंग-10, आई लव माय इंडिया पतंग-20, बड़ी पतंग-25 रुपए। इन 15 क्षेत्रों में भी मिल रहीं पतंग मकर संक्रांति के अवसर पर राजधानी के चर्च रोड, अपर बाजार, डोरंडा, चुटिया, हरमू बाजार, बरियातू, कोकर, रातू रोड, लालपुर, हटिया, सिंह मोड़, धुर्वा, बूटी मोड़, अरगोड़ा, किशोरगंज, मेन रोड, कडरू, थड़पखना आदि क्षेत्रों में भी पतंग बिक रही हैं। 1.5 लाख पतंग बिक चुके : संचालक मो. तालिब ने बताया कि अबतक डेढ़ लाख पतंग बिक चुकी हैं। सबसे अधिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘आई लव इंडिया’ प्रिंट की पतंग की मांग है। ऑपरेशन सिंदूर पतंग अब -तक 30 हजार पीस बिक चुकी हैं।


