पाली में कचरा बीनकर पेट भरने वाले एक 28 साल के युवकों को समय पर उधार लिए रुपए वापस नहीं चुकाना खासा महंगा पड़ गया। दबंगों ने उसे पूरी तरह पीटा। जिससे उसके एक पैर की हड्डी टूट गई। आर्थिक रूप से कमजोर युवक के पास खुद का आधार कार्ड भी नहीं था। यह बात जब हॉस्पिटल प्रबंधक को मिली तो उसे हॉस्पिटल भर्ती किया और इलाज शुरू किया। दरअसल पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन में पुलिस थाने के सामने सड़क किनारे रहने वाले 28 साल के अर्जुन पुत्र अशोक गुजराती मारवाड़ जंक्शन में कचरा बीनने का काम करता है और उसकी पत्नी पुराने कपड़ों के बदले बर्तन बेचने का काम करते है। आर्थिक रूप से कमजोर पति-पत्नी के पास खुद का मकान नहीं है। ऐसे में सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रात गुजारते है।
युवक ने बताया कि मारवाड़ जंक्शन में अपने परिचित से उसने जरुरत होने पर 500 रुपए उधार लिए थे। जो चुका नहीं पाया। इसको लेकर 24 दिसम्बर को दो युवकों ने उसे पहले बेरहमी से पीटा, फिर लोहे के भारी एक वस्तु से उसके पैर पर कई वार किए फिर घायल हालत में छोड़कर चले गए। मारपीट में उसके पैर की हड्डी टूट गई। पीड़ित का कहना है कि घटना को लेकर मारवाड़ जंक्शन थाने में शिकायत की लेकिन आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। खुद का आधार कार्ड भी नहीं था घायल के पास युवक अपनी पत्नी के साथ शुक्रवार को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचा। डॉक्टर को दिखाने के लिए उसकी पत्नी पर्ची लेने गई तो आधार कार्ड मांगा लेकिन न तो घायल का आधार कार्ड था और न ही उसकी पत्नी का आधार कार्ड बना हुआ था। ऐसे में उन्हें पर्ची नहीं दी गई। घायल ट्रोमा वार्ड के सामने पेड़ के नीचे लेट गया। बाद में जब यह बात बांगड़ हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ एचएम चौधरी तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत मरीज जो भर्ती करने और उसका इलाज शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ट्रोमा वार्ड में कार्यरत स्टॉफ को भी निर्देश दिए कि अगर कोई भी मरीज जिसके पास खुद का आधार कार्ड भी नहीं हो तो उसे एक बार भर्ती कर इलाज शुरू करे ताकि उसकी जान बचाई जा सके।


