उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश में जलापूर्ति की 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी योजनाओं के काम में तेजी लाने का आदेश दिया है। ताकि इनसे ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति हो सके। उपमुख्यमंत्री ने सोमवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के काम की समीक्षा की। इसमें पता चला कि जल जीवन मिशन में अब तक 31 लाख 16 हजार 398 ग्रामीण परिवारों को नल से पेयजल मिल रहा है। वहीं शत-प्रतिशत कनेक्शन वाली 5029 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। इस बीच केन्द्र सरकार ने जल जीवन मिशन के बचे कार्यों को पूरा करने की समय सीमा वर्ष 2028 तक बढ़ा दी है। साव ने कहा कि प्रदेश के 19656 गांवों के लिए 29160 योजनाएं स्वीकृत हैं। इनके जरिए 49.98 लाख ग्रामीण परिवारों को नल से पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सबसे पहले जिन योजनाओं के 90 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं, उनके बचे कार्य जल्द पूरा कर घरों तक पानी पहुंचाया जाए। 128 उप-अभियंताओं की नियुक्ति प्रक्रिया जारी उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि शासन स्तर पर 128 उप-अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। नियुक्ति हो जाने पर योजनाओं को पूरा करने में तेजी आ जाएगी। कार्यों को तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए टीम वर्क और कड़ी मॉनिटरिंग जरूरी है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 13846 योजनाओं, 2026-27 में 7261 और 2027-28 में 4077 योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है।


