प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के 521 करोड़ रुपए की ठगी मामले में चिटफंड कंपनी मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के 20 ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से कई डिजिटल साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनका सत्यापन जारी है। मैक्सीजोन चिटफंड मामले में कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी प|ी प्रियंका सिंह के विरुद्ध 2022 में एफआईआर दर्ज हुई थी। इन्हीं एफआईआर के आधार पर ईडी के रांची जोनल ऑफिस ने पीएमएलए के तहत इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी। इससे पहले 16 सितंबर 2025 को भी ईडी ने कंपनी से जुड़े झारखंड, बिहार, यूपी, राजस्थान और कर्नाटक में छापेमारी की थी। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी प|ी प्रियंका सिंह को जमशेदपुर पुलिस ने 9 सितंबर को नई दिल्ली से तेजस एक्सप्रेस से भुवनेश्वर जाते समय गोमो स्टेशन से गिरफ्तार किया था। दोनों बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। टेल्को के महेश्वर बेसरा की एफआईआर से शुरू हुई कार्रवाई में अब ईडी की एंट्री ठगी के खिलाफ पहली प्राथमिकी 22 अप्रैल 2022 को साकची थाना में टेल्को कॉलोनी के महेश्वर बेसरा ने दर्ज कराई थी। आरोप था कि चंद्रभूषण और प्रियंका ने विश्वासघात व धोखाधड़ी कर उनका पैसा गबन किया। इसी शिकायत को आधार बनाकर ईडी ने ईसीआईआर दर्ज किया और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। मैक्सीजोन कंपनी दावा करती कि वो शेयर मार्केट से लेकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश करती है। मुनाफा कमाकर निवेशकों में बांटती है। शुरू में कुछ रिटर्न दिए भी गए, जिससे निवेशक बढ़ते गए। लेकिन बाद में केवाईसी अपडेट, तकनीकी दिक्कत और अन्य बहाने बनाकर भुगतान रोक दिया गया और फिर दोनों निवेशकों के पैसे लेकर फरार हो गए। 15% रिटर्न का लालच देकर किया 521 करोड़ का घोटाला: चंद्रभूषण और प्रियंका पर आरोप है कि इन्होंने निवेश पर 15% रिटर्न का लालच देकर निवेशकों को फंसाया और 521 करोड़ रुपए की ठगी की। ठगी की रकम अलग-अलग 21 बैंकों में जमा की गई। जांच में सामने आया कि चंद्रभूषण ने ठगी के पैसों से करोड़ों की चल-अचल संपत्ति बनाई। चंद्रभूषण अपना नाम बदलकर नोएडा में दीपक सिंह के नाम से रहता था और ठगी के अन्य मामलों में भी पुलिस द्वारा पकड़ा जा चुका है। जमशेदपुर में तीन केसों के अलावा बिहार, यूपी, राजस्थान और कर्नाटक में भी इन पर केस दर्ज है।


