6 पीसीएस अफसर, 4 सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, फिर भी बनते ही 2 दिन में 62 लाख रुपए की सड़क उखड़ गई

शामलाल गुप्ता भास्कर न्यूज | लुधियाना उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए वेस्ट सीट पर डेवलपमेंट पर फोकस है, लेकिन इसकी आड़ में काम की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। सराभा नगर में आई ब्लॉक में 2 दिन पहले बनी सड़क उखड़ गई। इससे पहले दो बार यह सड़क पैच वर्क और नए सिरे से बन चुकी है। 62 लाख के बजट से बन रही सड़क में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। य ह हाल तब है जब कामों की मॉनीटरिंग के लिए 6 पीसीएस अफसर, 4 सुपरिंटेंडिंग इंजीनियरों को तैनात किया है, लेकिन हालात जस के तस है। वेस्ट सीट पर उपचुनाव होने हैं। इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए आप सरकार का फोकस है। 25 करोड़ के डेवलपमेंट के काम पिछले 2 महीने में स्वीकृत किए है। इसमें अधिकांश फंड सड़क के निर्माण और पैच वर्क पर खर्च होना है। हाल ही में 62 लाख का कांट्रेक्ट समाया कंपनी को दिया था। कंपनी ने आई ब्लॉक की सड़कों पर काम शुरू किया, लेकिन दो दिन के बाद ही सड़क टूटने लगी। इसकी शिकायत हुई तो आनन-फानन में दोबारा से सड़क के ऊपर लेयर चढ़ा दी गई। जूनियर इंजीनियर की मौजूदगी में काम चलाऊ काम किया, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने भी रोष जताया। खराब तरीके से बिटुमिनस सड़क निर्मित की गई है, जो निर्माण के दौरान ही समय से पहले हुई विफलता को दर्शाता है। इसका निर्माण जल्दबाजी में किया जा रहा है और इंम्प्रॉपर मिक्सिंग तथा इनएडीक्वेट कांपेक्शन जैसे कारक इसकी विफलता के मुख्य कारण हैं। सरफेस अपनी इंटीग्रिटी को खो रही है, इसमें दरारें पड़ गई हैं, जबकि यह अभी निर्माणाधीन है। इसके परिणाम स्वरूप सड़क असुरक्षित हो जाएगी और उस पर चलना कठिन हो जाएगा। जल्दबाजी में किए गए निर्माण के कारण समुच्चयों के साथ बिटुमेन (बांधने वाला एजेंट) का अपर्याप्त सम्मिश्रण कमजोर और नमी-संवेदनशील मिश्रण का कारण बन रहा है। इसमें बिटुमेन की मात्रा कम है, जिसके परिणाम स्वरूप अंततः गड्ढे बन जाते हैं। चूंकि निर्माण कार्य बहुत जल्दबाजी में चल रहा है, इसलिए निर्माण के दौरान अपर्याप्त इंस्पेक्शन दिखाई दे रहा है, जिससे डामर (बिटुमिन) में रिक्त स्थान बन रहे हैं। इससे निकट भविष्य में यातायात और मौसम से क्षति होने की संभावना अधिक हो गई है। सड़क बनने वाला मिश्रण का आकार या स्तर उचित नहीं है, जिससे सड़क और अधिक कमजोर हो जाएगी। कार्य इतनी तेज गति से चल रहा है कि निर्माण के दौरान पर्याप्त निरीक्षण और परीक्षण नहीं हो रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप घटिया सामग्री और कारीगरी का उपयोग हो रहा है। ये खराब तरीके से निर्मित सड़क के सामान्य लक्षण हैं, बारिश का पानी सड़क में घुस जाएगा और बिटुमेन का बंधन जल्द ही टूट जाएगा। उपयोग में लाने पर पहिये के मार्ग में गहरे गड्ढे बन जाएंगे। खराब तरीके से निर्मित सड़कों की मरम्मत अधिक बार और महंगी होती है। गड्ढे और असमान सतहें वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। अरविंद कुमार, एक्सईन {नई सड़क बनते ही उखड़ रही, शिकायत आई है, क्या जांच करेंगे -सड़क किनारे में जो सामग्री डाली है, वो निकल रही है, मौके पर जाकर जांच करेंगे {सर्दियों में रात में निगम सड़क बनाता है, अब दिन में बन रही, जाम लग रहा -रात में रोशनी की दिक्कत आती है ,इस कारण दोपहर में सड़क बना रहे हैं {ट्रैफिक नई सड़क पर दौड़ रहा, सड़क में गड्ढे हो रहे, जनता का पैसा बर्बाद हो रहा {-लोग समझते नहीं है और वाहन लेकर आते हैं, {पीसीएस -एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह {पीसीएस- जॉइंट कमिश्नर विनीत कुमार {पीसीएस -जॉइंट कमिश्नर अभिषेक शर्मा {पीसीएस-जॉइंट कमिश्नर अंकुर महेंद्रू {जोनल कमिश्नर गुरपाल सिंह {असिस्टेंट कमिश्नर नीरज जैन सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर {राहुल गगनेजा {प्रवीण सिंगला {रणजीत सिंह

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