भास्कर न्यूज | जालंधर पहले ही आर्थिक बोझ के नीचे दबे जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की मुश्किलों को उपभोक्ता कमिशन ने और बढ़ा दिया है। जेआईटी की फेल स्कीमों को लेकर लोगों की तरफ से दायर किए गए मामलों पर कमिशन ने फैसला सुनाया है। जेआईटी को 6 अलॉटियों को कुल एक करोड़ 22 लाख 75 हजार रुपए लौटाने होंगे। जबकि इससे पहले आए फैसलों में अलॉटियों की करीब 74 करोड़ की देनदारी जेआईटी पर बकाया है, जिसका सालाना ब्याज करीब 8 करोड़ रुपए है। हाल ही में हुई 6 केसों की सुनवाई के फैसले में कमिशन ने कहा कि फ्लैट अलॉटियों को 30 हजार रुपए मुआवजा, 10 हजार रुपए वकील खर्च और प्रिंसिपल अमाउंट को नौ फीसदी ब्याज के साथ लौटाना होगा। जेआईटी की इंदिरापुरम मास्टर गुरबंता सिंह एन्क्लेव 13.96 एकड़ स्कीम में कामना दिंगड़ा को सितंबर 2006 में फ्लैट अलॉट हुआ था। इसके लिए उन्होंने चार लाख 37 हजार 169 रुपए दिए, लेकिन समय पर फ्लैट नहीं मिला। नौ अगस्त 2023 को उन्होंने कमिशन में केस दायर किया। इस फैसले में कमिशन ने कहा िक 45 दिन के भीतर कमिशन को नौ फीसदी ब्याज के साथ पैसे वापस करने होंगे। ऐसा न होने पर तीन फीसदी अधिक ब्याज देना पड़ेगा। इसके साथ ही मुआवजे के 30 हजार वकील खर्च के 10 हजार वकील समेत अलॉटी को 17 लाख लौटाने होंगे। इसी तरह मदन मोहन जोशी को भी सितंबर 2006 में फ्लैट अलॉट हुआ। उन्होंने इसके लिए 433547 लाख जमा करवाए, लेकिन फ्लैट नहीं मिला तो अगस्त 2023 में केस दायर किया। फैसले में जेआईटी को जोशी को 17 लाख वापस करने के आदेश दिए हैं। वहीं, फ्लैट अलॉटी अरोहित कुमार को 16.50 लाख, जसविंदर सिंह को 17.25 लाख वापस करने के जेआईटी को आदेश दिए गए हैं। जेआईटी की दूसरी स्कीम सूर्या एन्क्लेव एक्सटेंशन 94.97 एकड़ स्कीम में अलॉटी जसविंदर सिंह फतेहाबाद दिसंबर 2011 में फ्लैट अलॉट हुआ। उन्होंने इसके लिए 2091497 लाख जमा करवाए, लेकिन फ्लैट नहीं मिला। जनवरी 2022 में केस दायर किया। अब जेआईटी को इस पर 50 लाख लौटाने होंगे। इसी तरह इस स्कीम के तहत अलॉटी हरीश कुमार के फैसल में पांच लाख के आदेश दिए हैं।


