मऊगंज में फंदे पर लटकते मिले युवक के मामले में नया खुलासा हुआ है। उसने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। बाद में आरोपियों ने गुमराह करने के लिए उसे फंदे पर लटका दिया था। पुलिस ने छह महीने बाद 26 दिसंबर को मामला दर्ज कर प्रकरण की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। पीएम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। मऊगंज नगर के वार्ड 10 निवासी रोहित गुप्ता पिता बाबूलाल गुुप्ता का शव 7 अप्रैल 2024 को घर में मिला था। पंखे से रस्सी के सहारे शव लटक रहा था। परिजन की सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला माना जा रहा था। यहां तक कि परिजनों ने भी किसी पर संदेह जाहिर नहीं किया था। हालांकि पुलिस आत्महत्या मान कर जांच कर रही थी। बाद में युवक की जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली, तो उसकी गला दबाकर हत्या करने की जानकारी दी गई। युवक का गला घोंटा गया था। उसकी लाश को फंदे से लटका दिया गया था। पुलिस ने दर्ज की हत्या का मामला जांच में खुलासा होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। युवक की हत्या किसने कि थी यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटना रात में घर के अंदर हुई थी, जिसको लेकर पुलिस अब संदेहियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाएगी। पुलिस घटना में हत्या के साक्ष्य सामने आने के बाद पुलिस अब नए सिरे से इसकी जांच करेगी। घर के अंदर हत्या करने वाले आरोपी कहां से घुसे, कैसे उसकी हत्या कर निकल गए, इसका पुलिस पता लगाने का प्रयास करेगी। घर में परिजन भी दूसरे कमरे सो रहे थे, जिनको शोरशराबा सुनाई नहीं दिया। नए सिरे से होगी जांच एसपी रसना ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या माना जा रहा था। जांच में हत्या के साक्ष्य सामने आए हैं। युवक की गला घोंटकर हत्या की गई। बाद में शव को फंदे में लटकाया गया था। मामला दर्ज कर घटना की नए सिरे से जांच की जा रही है।


