संजय तिवारी | अमृतसर शहर में पुलिस की सख्ती के बावजूद नशेड़ी पार्कों-खाली प्लाटों में खुलेआम नशा कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि नशेड़ियों ने शहर में करीब 16 स्थायी अड्डे बना रखे हैं जहां जहां इंजेक्शन और सिल्वर पेपर के जरिए नशा कर रहे हैं। सुबह होते ही कई इलाकों में नशेड़ी नशा करना शुरू कर देते हैं। दैनिक भास्कर टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में नशेड़ियों के अड्डों पर पहुंची। कहीं सड़क किनारे तो कहीं पार्कों में तो कहीं खाली प्लाटों में युवा नशा कर रहे थे। भास्कर टीम ने नशा करने वालों के वीडियो भी बनाए , जिनमें साफ दिखा कि नशेड़ी पूरी तरह बेखौफ हैं। पहले नशे की हालत में पकड़े गए युवकों को पुलिस हिरासत में लेकर नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल कराती थी, लेकिन 6 माह से पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इसकी वजह आए दिन सोशल मीडिया पर नशेड़ियों के वीडियो वायरल होना भी है। पुलिस कमिश्नरेट के अधीन आने वाले 18 थानों में पिछले 6 महीनों में नशे से जुड़े 567 पर्चे दर्ज किए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। कुछ मामलों में माननीय न्यायालय के निर्देश पर विवेकानंद नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाज के लिए भी दाखिल कराया गया, लेकिन इसके बावजूद नशेड़ियों में कार्रवाई का डर नजर नहीं आ रहा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रोजाना दर्ज होने वाले मामलों में करीब 70 फीसदी केस नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े हैं। इनमें अधिकतर मामलों में 3 से 80 ग्राम तक हेरोइन और सिल्वर पेपर बरामद हुआ है। पुलिस का कहना है कि मकसद सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई चेन तोड़ने और नशे के आदी लोगों को सुधार की राह पर लाना भी है। वहीं, कुछ परिवार मानते हैं कि उनके बच्चे नशे के आदी हैं। पर्चा होने के बाद जमानत के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 40 खूह पार्क में एक नशेड़ी ने का कि नशा नहीं छोड़ नहीं सकता यह उसकी आदत बन चुका है। परिजनों ने कई बार नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती कराया लेकिन बाहर आते ही फिर नशे की लत लग जाती है। एक साल से परिवार ने घर से निकाल दिया है। वह कत्थूनंगल का रहने वाला है और जहां जगह मिलती है, वहीं सो जाता है। नशे ने पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी। डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर नशेड़ियों को काबू कर केस दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का मकसद सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि नशेड़ियों को सुधारना और उनका इलाज कराना भी है। कई आरोपियों को नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती कराया गया है। डीसीपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी इलाके में नशेड़ी नजर आएं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। 40 खूह पार्क के शौचालय .जोड़ा फाटक रेलवे ट्रैक .कोट खालसा .100 फुटी रोड .जीएनडीएच के बाहर .मकबूलपुरा के बंद पड़े फ्लैट .मोहकमपुरा .रामबाग चौक .वेरका बाईपास पुल .गुमटाला .गोलबाग पार्क .गोल्डन एवेन्यू के खाली प्लाट .भंडारी पुल के नीचे .कालू घन्नूपुर .गेट हकीमां .गुरु की वडाली के खाली प्लाट जौड़ा फाटक के पास नशे का इंजेक्शन भरता नशेड़ी।


