हैलो! SHO मुकेश कानूनगो व कॉन्स्टेबल राम प्रकाश की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। फतेहपुर के सरकारी हॉस्पिटल में उनकी डेडबॉडी रखवाई गई है। 6 अक्टूबर 2018 की रात सीकर की फतेहपुर पुलिस से ये फोन जिला कंट्रोल रूम, राजस्थान पुलिस हेडक्वार्टर (जयपुर) और SOG को गया। एक फोन कॉल ने पूरे पुलिस महकमे में खलबली मचा दी। पुलिस के उच्च अधिकारी आधी रात फतेहपुर के लिए रवाना हो गए। पूरे राज्य में नाकाबंदी कर दी गई। आरोपी भाग न सकें और ऑपरेशन की सूचना वायरल नहीं हो इसके लिए सीकर, झुंझुनूं व चूरू में 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 6 अक्टूबर 2018, शाम के करीब 6 बजे। कैलाश नागौरी नाम का एक युवक अपने घर पर था। उसके पिताजी चौराहे पर ईंट बेचने का काम करते थे। रात 8 बजे दिनेश उर्फ लारा नाम का युवक कैलाश को बिना नंबरों की बाइक पर बालाजी धर्म कांटे पर ले गया। यह धर्मकांटा फतेहपुर से थोड़ी दूर बेसवा गांव में रोड पर था। दिनेश की धर्म कांटे पर टायर ट्यूब की दुकान थी। वह टायर के पंक्चर ठीक करने का काम करता था। कैलाश नागौरी और दिनेश धर्म कांटे पर बैठ गए। दिनेश ने फोन कर प्रदीप नाम के युवक को धर्म कांटे पर बुलाया। प्रदीप व मुकेश धर्म कांटे से थोड़ी दूर मोती पैलेस होटल (बेसवा) में काम करते थे। दिनेश ने प्रदीप को 500 रुपए देकर 4 बीयर की बोतल मंगवाई। तीनों ने चारों बीयर पी ली। तीनों रोजाना धर्म कांटे पर बैठकर बीयर पीते थे। बीयर पीने के बाद दिनेश प्रदीप और कैलाश को वहीं बैठाकर आरके होटल पर चिकन खाने चला गया। दिनेश दोनों से कहकर गया था कि वह चिकन खाकर जल्दी आ जाएगा तब तक दोनों यहीं बैठे रहें। दिनेश के जाने के बाद कैलाश ने प्रदीप को 300 रुपए देकर 2 और बीयर मंगवा ली। दोनों को बियर पीते-पीते रात के 12 बज गए। दिनेश अब तक नहीं लौटा था। वॉट्सऐप पर आई थी कॉल रात के करीब 12:15 बजे कैलाश के पास वॉट्सऐप पर इलाके के हिस्ट्रीशीटर अजय चौधरी का कॉल आया। अजय चौधरी ने कैलाश से कहा- वह दिनेश के साथ बेसवा बस स्टैंड के आगे एक खेत में छिपकर बैठा है। एक बदमाश के साथ मुठभेड़ में फायरिंग हो गई। उनकी कार भी पलट गई। कैलाश वहां पर जल्दी पहुंचे। कैलाश बाइक लेकर फोन पर बात करते हुए अजय के बताए पते पर पहुंच गया। कैलाश ने अजय की लोकेशन पर पहुंचकर उदनसर गांव से पहले बाइक का इंडिकेटर जलाकर इशारा किया। अजय चौधरी और दिनेश भागते हुए एक खेत में से बाहर निकले। कैलाश ने अजय और दिनेश को बाइक पर बैठा लिया। जिसके बाद तीनों पुलिस से बचते हुए फतेहपुर कस्बे में छतरियां स्टैंड होते हुए धर्म कांटे पर पहुंचे। धर्म कांटे पर आकर कैलाश ने अजय और दिनेश से पूछा कि क्या हो गया? तब अजय और दिनेश ने बताया कि उन्होंने दो पुलिस वालों का मर्डर कर दिया। तब कैलाश ने कहा- अच्छा हुआ पुलिसवाले मर गए। पुलिस वाले उसका भी पीछा कर रहे थे। अजय चौधरी ने कैलाश को बताया- दिनेश जब चिकन खाने होटल पर आया था तो उसने दिनेश को फोन कर बुलाया और अपने साथ कार में बिठा लिया। कार में पहले से 5-6 और भी लोग थे। जब उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की तो उनकी कार के ड्राइवर को भी जवाबी फायरिंग में गोली लग गई। फायरिंग में दो पुलिसवाले भी मर गए। इधर, ड्राइवर के गोली लगने के बाद दूसरा लड़का गाड़ी चलाने लगा। उसे कार चलानी नहीं आती थी। पुलिस उनका पीछा कर रही थी। इसी दौरान उनकी गाड़ी पलट गई और वे सभी घायल हो गए। गाड़ी पलटने के बाद सभी रात का फायदा उठाकर अलग-अलग रास्तों से भाग गए। इसी दौरान पुलिस से बचने के लिए दिनेश और अजय बस स्टैंड के पास एक खेत में छिपकर बैठ गए। पुलिसवालों के मर्डर के बाद खाया खाना अजय के पूरी कहानी बताने के बाद कैलाश दोनों को बाइक पर धर्म कांटे पर ले आया। तीनों ने प्रदीप को होटल पर भेज कर खाना मंगाया। चारों ने एक साथ खाना खाया। बाद में प्रदीप को घर भेज दिया। अजय चौधरी ने कैलाश से कहा कि वह उसे सीकर छोड़ आए। तब कैलाश ने एक अन्य बदमाश मुख्तार फारूकी को सबक सिखाने के लिए कहा। जिसके बाद दिनेश और कैलाश ने रात 1:30 बजे फारुखी के घर जाकर फायरिंग कर दी। पुलिसवालों का मर्डर करने और फारुखी के घर फायरिंग करने के बाद सभी की नेपाल भागने की प्लानिंग थी। बदमाशों के पास भागने के लिए कोई गाड़ी नहीं थी। पुलिस की नाकाबंदी हर जगह थी। बदमाश जैसे-तैसे बलारां के छोटी बिडौदी गांव पहुंचे। यहां एक बदमाश रामपाल की बहन का घर था। सभी बदमाश रामपाल की बहन से परिचित थे। तीन-चार बदमाश घायल होने के बाद रामपाल की बहन के घर आ गए। अजय चौधरी, जगदीप, दिनेश व ओमप्रकाश ने रामपाल की बहन को बताया कि कार पलटने के बाद ये सभी चोटिल हो गए थे। रामपाल की बहन ने पिकअप गाड़ी मंगवाकर बदमाशों को इलाज के लिए सरकारी हॉस्पिटल में भेजा। पुलिस को बताई झूठी प्रेम कहानी रास्ते में पुलिस टीम ने नवलगढ़ के पास चेकिंग के दौरान पिकअप गाड़ी रुकवा ली। जब पुलिस ने बदमाशों से पूछा कि कहा जा रहे हो तो एक बदमाश ने बताया कि वह अपनी साथियों के साथ गर्लफ्रेंड से मिलने जा रहा था। इस दौरान अचानक उनकी बाइक स्लीप हो गई और वे घायल हो गए। बदमाशों ने पुलिसकर्मियों का मर्डर रात को अंधेरे में किया था। जिसकी वजह से पुलिस पिकअप गाड़ी में बदमाशों के चेहरे नहीं पहचान सकी। बदमाश पिकअप लेकर आगे बढ़ गए। इसके बाद उन्होंने नवलगढ़ के पास सरकारी अस्पताल में मरहम पट्टी कराई और वापस छोटी बिडौदी आ गए। पुलिस को अगले दिन पता चला कि बदमाशों की पिकअप इसी चेक पॉइंट से होकर गुजरी थी। इसके बाद पुलिस पूछताछ करते हुए अस्पताल पहुंची लेकिन आरोपी मौके पर नहीं मिले। आरोपी अगले दिन सुबह ही नीमकाथाना चले गए। मुंबई में बीयर बार में कर रहे थे पार्टी वारदात को अंजाम देने के बाद पांच आरोपी मुंबई और पुणे भाग गए थे। आरोपी नीमकाथाना से रींगस, अहमदाबाद होते हुए ट्रेन से मुंबई में अपनी जान-पहचान के व्यक्ति के पास चले गए। इधर, सीकर, झुंझुनूं, चूरू व जयपुर सहित कई जिलों की पुलिस बदमाशों का पीछा कर रही थी। वहीं, आरोपी मुंबई में एक बीयर बार में मौज-मस्ती कर रहे थे। इसी बीच बदमाशों को किसी ने पहचान लिया। बदमाशों की सूचना मुंबई क्राइम ब्रांच व एटीएस को मिली तो उन्हें 8 दिन बाद घेरकर गिरफ्तार कर लिया। महाराष्ट्र से अजय चौधरी, जगदीप, रामपाल और उन्हें शरण देने वाले 2 अन्य बदमाशों को राजस्थान लाया गया। आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की गई। वहीं अभी भी मामले में कई आरोपी फरार थे। जिनकी तलाश जारी थी। मामले के मास्टरमाइंड अजय चौधरी से पुलिस ने पूछताछ की, जिसमें कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए… कल राजस्थान क्राइम फाइल्स पार्ट-2 में पढ़िए…


