सुल्तानगंज| पारस कान्वेंट हाई स्कूल, सुल्तानगंज के 61 छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध धरोहर सांची स्तूप का शैक्षणिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों के साथ 15 शिक्षक-शिक्षिकाएं भी सुरक्षा और मार्गदर्शन हेतु मौजूद रहीं। स्कूल के संचालक अनिल जैन ने बच्चों को सांची के इतिहास, बौद्ध कला और प्राचीन स्थापत्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सरल और रोचक तरीके से समझाईं। अनिल जैन ने बताया कि सांची रायसेन जिले का सर्वाधिक प्रसिद्ध पर्यटन एवं विरासत स्थल है, जिसे प्राचीन काल में ‘काकनम’ नाम से जाना जाता था। तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में मौर्य सम्राट अशोक ने यहां प्रथम पाषाण निर्मित स्तूप का निर्माण कराया था। सांची बौद्ध कला, शिल्पकला और स्थापत्य के उत्कृष्ट नमूनों के लिए विश्वभर में जानी जाती है। इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1818 में सांची की पुनः खोज हुई। उस समय कई संरचनाएं क्षतिग्रस्त अवस्था में मिलीं। बाद में 1912 से 1919 के मध्य व्यापक संरक्षण कार्य कर इन्हें सुरक्षित स्वरूप प्रदान किया गया।


