पार्वती-कालीसिंध परियोजना(पीकेसी) के तहत मप्र में सोमवार को पहले प्रोजेक्ट का भूमिपूजन हुआ। सीएम ने 668 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे सेवरखेड़ी- सिलारखेड़ी, परियोजना का क्षिप्रा घाट पर भूमि पूजन किया। इसमें 18,800 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसके लिए सिंहस्थ के समय इसी प्रोजेक्ट से क्षिप्रा नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इसके अलावा उज्जैन के 65 गांवों को पेयजल उपलब्धकरायाजाएगा। यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के तहत राज्य में लागू हो रही है और प्रदेश सरकार इसे प्राथमिकता से पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के लिए महत्वाकांक्षी कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्शन परियोजना का निरीक्षण किया। इस परियोजना के तहत कान्ह नदी का गंदा पानी शिप्रा में मिलना बंद होगा और उसे ट्रीट कर आगे छोड़ा जाएगा। यह कदम शिप्रा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है, ताकि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालु और साधु-संत शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान कर सकें। इस अवसर पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। 32 मीटर गहरी टनल में उतरकर किया निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को 32 मीटर गहरी टनल में उतरे। वे क्षिप्रा शुद्धिकरण के लिए ग्राम बामोरा में क्लोज डक्ट डायवर्शन का काम देखने पहुंचे थे। साथ में मंत्री तुलसी सिलावट और सीएम के एसीएस राजेश राजौरा भी थे।


