7 वर्षों से ट्रैफिक सिग्नल लाइट खराब, चालक हो रहे हैं परेशान

भास्कर न्यूज | लोहरदगा शहर के सुभाष चौक और बरवा टोली में लगभग सात वर्ष पूर्व लगा ट्रैफिक सिग्नल हाथी का दांत साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि जल्द ही इसे दुरुस्त नहीं कराया गया तो कुछ समय में यह कबाड़ में तब्दील हो जाएगी। पहले सिग्नल के कुछ लाइटों का नहीं जलना और कुछ का दिनभर डीजे लाइट के तर्ज पर जलना होता है। परंतु अब यह पूरी तरह से बंद हो चुकी है। अब सिग्नल लाइट का कोई औचित्य ही नहीं रह गया है। कई लाइट तो लगने के एक दो दिन बाद से अबतक जली ही नहीं है। जिस उद्देश्य से लाइट लगाया गया वह ट्रैफिक समस्या से निपटने में नहीं दिख रहा है। ट्रैफिक सिग्नल के सिग्नल नहीं देने के कारण वाहन मनमानी पूर्वक पूर्व की तरह ही चलते है। जिससे जाम की समस्या बनी है। वहीं आवाजाही में खासकर बड़े गाड़ियों के गुजरने से परेशानी बनी रहती है। इस बीच बड़े वाहनों के शहर में घुसने से छोटे वाहनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चौक पर दो से तीन ट्रैफिक पुलिस रहने के कारण जाम से निपटने में भी घंटों उन्हें मशक्कत करनी पड़ती है। कुल मिलाकर ट्रैफिक लाइट जर्जर अवस्था में तब्दील हो रही है। जिसका समय रहते सही उपयोग नहीं किया गया तो जल्द ही यह पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। बरवा टोली चौक पर ट्रैफिक लाइट लगी पॉल भी कई वाहनों के टक्कर से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ट्रैफिक लाइट लगाना और नहीं लगना दोनों एक समान प्रतीत हो रहा है। ज्ञात हो कि तत्कालीन उपायुक्त आकांक्षा रंजन की अगुवाई में हिंडाल्को द्वारा ट्रैफिक सिग्नल लाइट शहर में यातायात नियमों का पालन कराए जाने की दिशा में लगवाया गया था। परंतु लगने के बाद से ही यह ज्यादातर खराब ही रहा। इस दिशा में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई बार इसे दुरुस्त कराए जाने को लेकर हिंडाल्को को दिशा निर्देश भी दिया गया था। बावजूद अबतक कोई पहल नहीं किए जाने के कारण स्थिति जस की तस बनी रही। मामले पर कई बार सड़क सुरक्षा समिति सदस्य संजय बर्मन ने विषय को उठाया है। जिसपर सिर्फ अबतक निर्देश तक ही मामला अटका है।

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