छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 2 सगी बहनों से छेड़छाड़ और रेप का मामला सामने आया है। जहां पड़ोस में रहने वाले युवक ने 7 साल की बच्ची को बहला फुसलाकर अपने साथ मेला दिखाने ले गया और उससे रेप किया। वहीं उसकी बड़ी बहन 11 साल की बच्ची को भी घुमाने के बहाने ले जाकर छेड़छाड़ की। मामला पखांजूर थाना क्षेत्र का है। युवक की दोनों बहनों से अच्छी जमती थी। तीनों में खूब बातें होती थी। इसी विश्वास में लेकर युवक ने वारदात की। बढ़ते क्राइम मामलों के बाद भास्कर डिजिटल की टीम ने प्रदेश में रेप मामले में NCRB रिपोर्ट की पड़ताल की थी। छत्तीसगढ़ में रेप की वारदात को लेकर 3 केस से आपको समझाते हैं कि कैसे मासूम बच्चियों को उनके अपनों ने ही कभी चॉकलेट देने तो कभी घुमाने के बहाने अपनी हवस का शिकार बनाया। इस रिपोर्ट में विस्तार से पढ़िए… पहले पखांजूर की पूरी घटना जानिए जानकारी के मुताबिक, देवदास उइके (18) पड़ोस में ही रहता था। ऐसे में दो बहनों से उसे उसकी अच्छी बातचीत होती थी। इसी का फायदा उठाते हुए उसने वह बहला-फुसलाकर ले जाता और वारदात को अंजाम देता। ऐसा उसने कई बार किया। दोनों बहनों की उम्र 7 और 11 साल की है। वहीं, 9 अगस्त रक्षाबंधन के दिन देवदास बड़ी बहन को बहला-फुसलाकर घुमाने के बहाने बाइक पर ले गया। जिसके बाद उसने सुनसान जगह पर उसका मुंह दबाकर छेड़छाड़ की कोशिश की। नाबालिग की चीखें सुनकर आसपास के लोग आ गए, तो वह मौके से भाग निकला। स्थानीय लोगों ने फौरन मामले की जानकारी पखांजूर पुलिस को दी, मौके पर पहुंची पुलिस उसे लेकर घर पहुंची। इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंची और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जब बड़ी बहन पुलिस को आपबीती बता रही थी, तभी छोटी बहन ने अपने साथ हुए दरिंदगी का खुलासा किया। अप्रैल महीने में छोटी बहन से किया था रेप पीड़िता ने बताया कि अप्रैल महीने में आरोपी ने उसे भी बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाकर सुनसान जगह पर ले गया था। इसके बाद झाड़ी में ले जाकर रेप किया। पीड़िता ने यह भी बताया कि अगर वो किसी को बताती है तो वह उसे जान से मार देगा। जिसके डर से वह किसी को कुछ भी नहीं बता रही थी। इस पूरे मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार किया। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार कुर्रे ने बताया कि सगी बहनों से रेप के आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अब ये तीन केस स्टडी भी पढ़िए केस – 1 रायपुर में बेटे ने मां से रेप किया, बच्ची से कर चुका है दुष्कर्म पिछले महीने जुलाई 2025 की बात है। रायपुर में एक बेटा 70 साल की बुजुर्ग महिला के साथ 4-5 दिनों तक रेप करता रहा। जब वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो वृद्ध ने थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। इससे पहले वो 5 साल की बच्ची से भी दुष्कर्म कर चुका है। घटना मामला आरंग थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी 42 साल का है। जेल से छूटने के बाद वो बुजुर्ग महिला से छेड़खानी करने लगा। उसने इसका विरोध किया, लेकिन वो नहीं माना। उसने कुछ दिन पहले ही चार से पांच दिनों तक लगातार रेप किया। 15 जुलाई को पीड़िता ने थाने पहुंचकर शिकायत की। जांच में सामने आया कि वह आरोपी की मां है। केस – 2 दुर्ग में चाचा ने भतीजी से सेक्सुअल असॉल्ट किया अप्रैल, 2025 को दुर्ग जिले में 6 साल की बच्ची से उसके ही चाचा ने सेक्सुअल असॉल्ट किया था जिससे बच्ची की जान चली गई थी। इस हत्याकांड की DNA रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि रेप के दौरान बच्ची को दर्द हुआ, जिससे कार्डियक अरेस्ट आया। रिपोर्ट के मुताबिक इसी से बच्ची की जान गई है। आरोपी चाचा ने चिल्लाते वक्त बच्ची का मुंह भी दबाया था। केस – 3 कोरबा में पिता ने बेटी से रेप किया अप्रैल 2025 में ही कोरबा में सौतेले पिता ने नाबालिग बेटी से रेप किया। घर में अकेला पाकर और जान से मारने की धमकी देकर उसने वारदात को अंजाम दिया था। जानकारी के मुताबिक, 43 साल का आरोपी पेशे से मजदूर है। उसके पहले से ही दो पत्नियां हैं, जिनके तीन-तीन बच्चे हैं। उसने दोनों को छोड़ दिया है। वर्तमान में वह मानिकपुर इलाके में तीसरी पत्नी के साथ रह रहा था। जो कि पहले ही शादीशुदा है और पति से अलग होकर 2 बेटियों के साथ रहती है। केयर टेकर्स और पेरेंट्स काे अवेयर रहने की जरूरत चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशिलिस्ट चेतना देसाई बताती हैं कि यौन हिंसा के इन मामलों 80% से ज्यादा बच्चे को जानने वाले होते हैं। इस तरह के मामलों को रोकने के लिए जरूरी है कि पेरेंट्स और केयर टेकर्स को अवेयर करने की जरूरत है। पेरेंट्स को बच्चों के बदलते हुए स्वभाव को इग्नोर नहीं करना चाहिए। अचानक आए बदलाव पर उनसे बात करना चाहिए। सीनियर कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट डॉ ईला गुप्ता कहती है हमारे यहां भारतीय ज्वाइंट सिस्टम है। जिसमें मेल फीमेल एक रिश्तेदारी के तहत रहते है। जैसे चाचा-ताऊ, बहन कजिन। रिश्ता कोई भी हो सभी में बॉयोलॉजिकल चेंजेस होते हैं। लोगों में रेप की इच्छा आती है, वो अवेलेबलिटी ऑफ पर्सन है। हर साल लगभग 1600 बच्चियों से रेप, 5 साल में डेढ़ गुना बढ़े मामले अभी जो तीन केस आपने पढ़ें हैं, वो केवल बानगी हैं। NCRB के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 5 साल में छत्तीसगढ़ में बच्चियों से रेप के मामले डेढ़ गुना बढ़े हैं। इस कैलकुलेशन को और सिंपलीफाइ किया जाए तो पिछले 5 साल में बच्चियों से रेप का प्रतिशत 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है। साल 2019 में प्रदेश में पॉक्सो के 2027 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें रेप के मामलों की संख्या 1,377 थी, जो साल 2022 में बढ़कर 2,368 हो गए। इनमें रेप के मामले 1809 हैं। बच्चियों के लिए सबसे ज्यादा अनसेफ राजधानी, हर 60 घंटे में एक नाबालिग से रेप नाबालिग बच्चियों के लिए राजधानी सबसे अनसेफ जगह है। NCRB का डेटा बताता है कि साल 2022 में 152 बच्चियों के साथ रेप के मामले केवल राजधानी रायपुर में दर्ज किए गए हैं। दूसरे नंबर पर बलरामपुर(114) और तीसरे नंबर पर जशपुर (107) है। वहीं ओवरऑल पॉक्सो के सबसे ज्यादा मामला रायपुर के बाद दुर्ग, बलौदाबाजार, बिलासपुर और बलरामपुर में दर्ज किए गए हैं। ……………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में हर 5 घंटे में 1 नाबालिग से रेप: रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग बच्चियों के लिए अनसेफ, 10 में से 9 केस में अपने ही आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 6 साल की बच्ची से सेक्सुअल असॉल्ट किया गया। प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागा और इलेक्ट्रिक शॉक देकर मारा है। इस केस में बच्ची के चाचा को आरोपी बनाया गया है। हालांकि परिवार वाले इसे मानने को तैयार नहीं हैं। इस वारदात के बाद भास्कर डिजिटल की टीम ने प्रदेश में रेप मामले में NCRB रिपोर्ट की पड़ताल की। पढ़ें पूरी खबर…


