भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर के भंडारी पुल समेत 3 बड़े पुलों का निर्माण कराने वाली कंपनी ने 7 साल से ट्रस्ट की 3 एकड़ जगह पर कब्जा किया था। कई नोटिस भेजने के बाद भी कंपनी ने अवैध कब्जा खाली नहीं किया तो चेयरमैन रिंटू के निर्देश पर टीनशेड तोड़कर कब्जा हटाया। बता दें कि इस जगह ट्रस्ट द्वारा फ्लैट तैयार कराया जाना है। जितनी जल्दी काम शुरू होगा लोगों को इसका लाभ दिलाया जा सकेगा। अवैध कब्जा करने के मामले में संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए सीपी को लैटर लिखा गया है। भंडारी पुल, वल्ला फाटक पुल और 22 नंबर फाटक का पुल बनाने को लेकर ब्रह्म पुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी की तरफ से पीके वर्मा अॅथराइज्ड सिगनेटरी 12-बी फर्स्ट फ्लोर निक्का सिंह कॉलोनी को भाई गुरदास जी नगर 340 एकड़ स्कीम के तहत आरजी तौर पर जगह बीते 2 मार्च 2017 को कास्टिंग यार्ड बनाने को एक साल के लिए 2.16 लाख रुपए किराए पर अलॉट की गई थी। डेडलाइन बीतने के बाद भी कंपनी ने जगह पर टीनशेड लगाकर अपना कब्जा बनाए रखा, यहां तक कि किराया देना भी बंद कर दिया था। 7 साल में किराया करीब 31.11 लाख पहुंच गया। ट्रस्ट की तरफ से 7 साल में कई नोटिस जारी कर कंपनी को जगह खाली करने व किराया देने को कहा गया, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। बीते 3 जुलाई 2025 को भी नोटिस जारी हुआ लेकिन कंपनी का वही हाल रहा। जिसके बाद ट्रस्ट की तरफ से बीते 23 जुलाई को पुलिस सहायता के लिए सीपी को भी लैटर लिखा था। कागजी कार्रवाई का बार-बार कंपनी दरकिनार करती रही जिसके बाद एक्सईएन अमनदीप सिंह, जेई जसबीर सिंह, एसडीओ मनप्रीत सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से टीनशेड व दीवार तोड़कर कब्जा ले लिया। ट्रस्ट चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जगह पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


