हरदा के गायत्री शक्तिपीठ में बुधवार को 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। विश्व कल्याण और क्षेत्र की खुशहाली की कामना के साथ आयोजित इस चार दिवसीय महायज्ञ के दूसरे दिन 70 जोड़ों सहित 300 से अधिक श्रद्धालुओं ने हवन कुंडों में आहुतियां अर्पित कीं। गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी ऋषि पारे ने बताया कि यह महायज्ञ नारी सशक्तिकरण वर्ष 2025-26, अखंड दीप और परम वंदनीय माताजी भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इसका शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ था। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नवयुग निर्माण और विचार क्रांति अभियान को सशक्त करने का माध्यम है। गुरुदेव का संकल्प दोहराया : हम बदलेंगे, जग बदलेगा
कार्यक्रम की प्रथम कड़ी में टोली प्रमुख सुनील कुमार शर्मा ने नवयुग के स्वागत हेतु प्राणपण से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने गुरुदेव के संकल्प “हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” को आत्मसात कर विचार क्रांति अभियान में सहभागी बनने पर जोर दिया। शर्मा ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सत् प्रवृत्तियों का संवर्धन और दुष्ट प्रवृत्तियों का उन्मूलन है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का लक्ष्य केवल आध्यात्मिक उन्नति नहीं, बल्कि पर्यावरण शुद्धि, विश्व शांति और समाज में नैतिक मूल्यों की पुनः स्थापना को भी बढ़ावा देना है। महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आहुति देंगे। यज्ञ के दौरान वैदिक विधियों और मंत्रों का उच्चारण वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर रहा है। गायत्री परिवार के युवा संगठन और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी प्रेरणादायक बना दिया है।


