सीहोर पुलिस ने इंदौर-भोपाल हाईवे पर हुई एक बड़ी लूट और हत्या का खुलासा किया है। पगारिया घाटी के पास जय भवानी ढाबा के समीप झाड़ियों में मिले नरकंकाल की पहचान आईसर चालक हुकमसिंह (40) के रूप में हुई है, जो पिपलिया राजगढ़ का निवासी था। घटना 20 जनवरी की है, जब हुकमसिंह 70 क्विंटल कॉपर तार लेकर इंदौर से पीलूखेड़ी जा रहा था। इंदौर के कुछ लुटेरों ने उनकी आईसर (MP 09 GG 8483) को रोका और निर्मम हत्या कर दी। आरोपियों ने लगभग साढ़े 72 लाख रुपए का कॉपर तार लूट लिया और शव को पगारिया घाटी की झाड़ियों में फेंक दिया, जहां जंगली जानवरों ने शव को तितर बितर कर दिया। लूटे गए माल को इंदौर में बेचा था
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों – अमजद और सिखावत को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने लूटे गए माल को इंदौर में बेचा था। दोनों आरोपियों को न्यायाधीश ऋचा जैन की अदालत में पेश किया गया, जहां से 6 फरवरी तक की पुलिस रिमांड मिली है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें भेजी गई हैं। मोबाइल और साइबर सेल की भूमिका रही
डीआईजी ओमप्रकाश त्रिपाठी और प्रभारी पुलिस अधीक्षक गीतेश गर्ग ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। मामले को सुलझाने में मोबाइल और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटना का खुलासा तब हुआ जब माल गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंचा और ट्रांसपोर्ट कंपनी ने आईसर मालिक को सूचित किया।


