734 करोड़ रु. के जीएसटी घोटाले में छापेमारी खत्म, स्क्रैप ढोने को जो ट्रक दिखाया, वह नंबर बाइक का

7 अगस्त को ईडी ने शुरू की थी छापेमारी, शुक्रवार को मुंबई में खंगाले गए कागजात प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने 734 करोड़ रुपए से अधिक के जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) घोटाले में गुरुवार को झारखंड, पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र के आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। शुक्रवार को दूसरे दिन भी महाराष्ट्र के नवी मुंबई में अंकेश जैन उर्फ मल्लिक जी के ठिकानों पर कागजातों को खंगाला। अबतक की छापेमारी में ईडी ने हवाला नेटवर्क के साथ साथ कागजी कंपनियों के जरिए चलाए जा रहे जीएसटी घोटाले का खुलासा किया है। जांच एजेंसी को पता चला है कि इस सिंडिकेट से जुड़े कारोबारियों ने बाइक से स्क्रैप ढो दिए। वो भी एक-दो टन नहीं बल्कि 25 से 30 टन स्क्रैप दो पहिया वाहनों से ढोए गए। सिस्टम को बाइपास कर बगैर ई-वे बिल के ही लोहा, कोयला सहित अन्य सामग्रियों की बिक्री दिखाई गई। सिंडिकेट के इन लोगो ने कारोबारियों को कमीशन लेकर फर्जी जीएसटी बिल बेचा। -शेष पेज 9 पर एक बाइक तमिलनाडु तो दूसरी यूपी में है रजिस्टर्ड ईडी को अनुसंधान के दौरान मेसर्स पूजाशी इंटरप्राइजेज द्वारा मेसर्स तिरूमाला इंटरप्राइजेज को स्क्रैप की बिक्री दिखाने के लिए जो दस्तावेज तैयार कर दिखाए गए, उसमें बड़ा घोटाला सामने आया। दस्तावेज में स्क्रैप की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए गए जिन ट्रकों का नंबर दिया गया था, वह बाइक के निकले। एक बाइक तमिलनाडु, तो दूसरी मुरादाबाद में रजिस्‍टर्ड मिली।

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