भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर इस साल की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें 15,106 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। 7,735 मामलों का समाधान कर 1 करोड़ 74 लाख 23 हजार 451 रुपए की राशि का समझौता कराया गया। लोक अदालत का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. रिजवान खान के मार्गदर्शन में हुआ। लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए सिविल न्यायालय बैकुंठपुर और मनेंद्रगढ़ में 17 खंडपीठ बनाई गईं। यहां 1,867 मामलों का निपटारा कर 1 करोड़ 53 लाख 4 हजार 747 रुपए की राशि का समझौता हुआ। राजस्व न्यायालयों में भी लोक अदालत का असर दिखा। कोरिया और एमसीबी जिले के बैकुंठपुर व मनेंद्रगढ़ में कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार स्तर पर 28 खंडपीठ बनाई गईं। राजस्व जिला कोरिया और एमसीबी में कुल 5,771 मामलों का निराकरण हुआ। बैंक, बिजली, नगरपालिका, टेलीफोन और राजस्व विभाग से जुड़े 12,630 प्री-लिटिगेशन प्रकरण लोक अदालत में रखे गए। इनमें से 5,868 मामलों का मौके पर ही समाधान हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अमृता मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे पक्षकारों को त्वरित न्याय मिलता है।


