8 मार्च को इंदौर में नेशनल लोक अदालत:सिविल, दुर्घटना क्लेम, बिजली, चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, जलकर मामलों में होंगे समझौते

न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के आपसी सुलह और समझौते के साथ निराकरण के लिए इंदौर में 8 मार्च को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस लोक अदालत के आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यह लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला व एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजय श्रीवास्तव इंदौर के मार्गदर्शन में आयोजित होगी। इसके तहत जिला न्यायालय इंदौर, श्रम न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं तहसील स्तर पर तहसील न्यायालय, डॉ. अंबेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर व हातोद में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नेशनल लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण राजीनामे के लिए रखे गए हैं। इसके अंतर्गत राजीनामा योग्य आपराधिक, सिविल, मोटर दुर्घटना क्लेम, बिजली, चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, जलकर, भू-अर्जन, वैवाहिक, अन्य रिकवरी और संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामे के आधार पर निराकरण के लिए रखे जा रहे हैं। दोनों पक्षों की होती है जीत
प्रधान जिला न्यायाधीश ने सभी न्यायाधीशों को निर्देशित किया है कि वे उनकी न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों को जल्द चिह्नित कर निराकरण के लिए रखें। इससे दोनों पक्षों के बीच कटुता समाप्त होती है और दोनों पक्षों की जीत होती है। वकीलों को अपने पक्षकारों को प्रकरण लोक अदालत के माध्यम से निराकरण कराए जाने के लिए समझाइश देना चाहिए। उन्हें इसके लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि लोक अदालत का लाभ सभी को मिल सके। राजीनामा वास्तव में दो पक्षों की आपसी सहमति का विषय है और मामला वहीं समाप्त हो जाता है। लम्बे समय से चल रहे विवादों का जब समाधान के आधार पर या राजीनामे के आधार पर समापन होता है तो दोनों ही पक्षों को खुशी मिलती है।

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