उज्जैन में आठ साल बाद राज्य स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय इसकी मेजबानी कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 जनवरी को इसका उद्घाटन करेंगे। इस तीन दिवसीय उत्सव में प्रदेश के 24 विश्वविद्यालयों से 800 से अधिक युवा शामिल होंगे। उत्सव में मध्य प्रदेश के 24 शासकीय विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया गया है। इनमें से 16 से अधिक विश्वविद्यालयों की प्रविष्टियां प्राप्त हो चुकी हैं। शेष विश्वविद्यालयों की प्रविष्टियों का इंतजार है। यह आयोजन 8 से 10 जनवरी तक चलेगा। इसमें प्रदेशभर से 800 से अधिक युवा 22 विभिन्न विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन विधाओं में सांस्कृतिक, साहित्यिक और ललित कला से संबंधित प्रतियोगिताएं शामिल हैं। वर्ष 2017 में हुए युवा उत्सव में 400 से अधिक प्रतिभागी थे, इस बार यह संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। इस वर्ष के युवा उत्सव की मुख्य विशेषता इसकी थीम है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है। सभी प्रस्तुतियां, चाहे वे नृत्य, गायन, नाटक, साहित्यिक या ललित कला से संबंधित हों, भारतीय संस्कृति और विरासत को दर्शाएंगी। इसी कारण इसे युवाओं का “लघु कुंभ” भी कहा जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं कराना नहीं, बल्कि उज्जैन की ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराना भी है। विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. एस.के. मिश्रा ने जानकारी दी कि उत्सव में गायन, नृत्य, नाटक, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, क्ले मॉडलिंग और ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग जैसी विधाएं शामिल होंगी।


