83 एकड़ जमीन पर बनेगा क्लस्टर, 50 एकड़ में प्लांट:आगर मालवा में जमीन मिली, सबसे बड़े फूड प्रोसेसिंग मेगा हब पर जल्द शुरू होगा काम

मप्र का आगर मालवा जिला आने वाले सालों में फूड प्रोसेसिंग का बड़ा हब बनेगा। दुनिया में फ्रोजन फूड बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी मैक्केन आगर मालवा में बड़ा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित करेगी। कुल 83 एकड़ औद्योगिक भूमि पर ये क्लस्टर विकसित होगा। इसमें 50 एकड़ क्षेत्र में मुख्य फूड प्रोसेसिंग प्लांट और 33 एकड़ में सहायक सुविधाएं स्थापित होंगी, जिनमें स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर आदि शामिल है। कनाडा के कंपनी मैक्केन ने फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हिस्सा लेकर फूड प्रोसेसिंग में बड़े निवेश पर सैद्धांतिक सहमति दी थी। हाल ही में कंपनी को आगर मालवा में जमीन अलॉट कर दी गई है। उद्योग विभाग के मुताबिक, आलू से जुड़े फ्रोजन फूड उत्पादों की दुनिया की सबसे बड़ी प्रोसेसिंग कंपनी अब जमीन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरा कर रही है और जल्द जमीनी काम भी शुरू होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी, 46 मीटर चौड़ी पहुंच सड़क, रेल और एयर कनेक्शन, जलापूर्ति, बिजली, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सहित तमाम सुविधाओं के चलते प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय की गई है। साल 1957 में स्थापित हुई मैक्केन का कामकाज 160 से अधिक देशों में फैला हुआ है। गुजरात के मेहसाणा के बाद ये कंपनी का देश में दूसरा उत्पादन क्षेत्र होगा। 2 चरणों में क्लस्टर विकसित ​​​​​​​मप्र में बड़े क्लस्टर की क्षमता यह परियोजना अपने पैमाने में देश के चुनिंदा बड़े फूड प्रोसेसिंग हब में से एक होगी। इससे न केवल फूड प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ेगी, बल्कि मप्र से एक्सपोर्ट की क्षमता बढ़ेंगी। कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन और इंटरनेशनल सप्लाई चेन बनेगी, पूरे क्षेत्र के स्थानीय किसानों को फायदा मिलेगा। इस परियोजना के शुरू पूरे मालवा क्षेत्र के आलू उत्पादन किसानों को फायदा मिलेगा, कभी ज्यादा उत्पादन से दाम गिरे तो नुकसान नहीं होगा। किसान होने से मप्र को फूड प्रोसेसिंग और फ्रोजन फूड इंडस्ट्री में बड़ा हब बन सकता है। आगर मालवा से पहले कंपनी ने सीहोर, शाजापुर, मोहासा बाबई (नर्मदापुरम) के अलावा इंदौर के आसपास भी जमीन देखी थी। गेहूं और सोयाबीन के लिए प्रसिद्ध आगर मालवा बीते सालों में आलू उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ा है। क्षेत्र में चना, अरहर, मक्का, उरद, मूंग की भी खेती होती है इसलिए फूड प्रोसेसिंग का बड़ा क्लस्टर बनने की पूरी क्षमता है।

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