चूरू के 82 साल के खिलाड़ी शिव भगवान भाकर 5 किलोमीटर की पैदल चाल में पहले नंबर पर आए। गोला भी रेकॉर्ड फेंका। उसके बाद कहा कि वह रोजाना 20 किलोमीटर पैदल चलते हैं। उसका परिणाम ये है कि आंखों से चश्मा उतर गया। अब बच्चे जैसी तेज रोशन है। पहले हार्ट अटैक आ गया था। अब घी, खीर व जलेबी भी खाता हूं। लेकिन नियमित रूप से बाजरे की रोटी और दूध लेता हूं। यही जीवन के बदलाव की कहानी है। खिलाड़ी शिव भगवान की तरह तारानगर के हनुमानाराम, भरतपुर की विद्या देवी, अलवर के लल्लूराम का खेल के प्रति जज्जा दिखा। इनके जैसे 300 खिलाड़ी राजस्थान भर से रविवार को अलवर के आरआर कॉलेज में राजस्थान स्टेट मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने आए थे। चेहरे पर उम्र की लकीरें जरूर थी लेकिन जिंदगी को जीने का अंदाज अलग ही दिखा। यहां के विजेता खिलाड़ी केरल में नेशनल टूर्नामेंट में खेलने जाएंगे। उसके बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए साउथ कोरिया में पहुंचेंगे। भगवान भाकर बोले – 2001 में हार्ट अटैक आया, अब 20 किलोमीटर पैदल चल रहा चूरू के सरदार शहर से आए 82 साल के खिलाड़ी शिव भगवान भाकर ने कहा कि रोजाना 20 किलोमीटर पैदल चलता हूं। रोजाना बाजरे की रोटी व दूध लेता हूं। 2001 में हार्ट अटैक हुआ था। उसके बाद कुछ समय तक परेज किया। बाद में सब खाना शुरू कर दिया। अब घी, खीर, मक्खन व दूध सब खाता हूं। 2007 में बाबा रामदेव के यहां प्रशिक्षण लेकर आया। उसके बाद हमेशा घूमना व व्यायाम करता हूं। पहले मेरे तीन नंबर चश्मा लगता था। अब कोई चश्मा नहीं है। 93 साल का खिलाड़ी हनुमानाराम बोले – बाजरे की रोटी व घी लेता हूं तारानगर चूरू से आए 93 साल के खिलाड़ी हनुमानाराम ने कहा कि पैदल चाल में भाग लिया। गोला भी फेंका है। 93 साल की उम्र में घी व बाजरे की रोटी खाते हैं। अपने कोई अटैक को डर है। पहले ऊंट-घोड़ी राखी है। अब कोई दिक्कत नहीं है। 55 साल की बेटी के साथ खेलने आ गई 85 साल की विद्या देवी भरतपुर से आई 85 साल की बुजुर्ग खिलाड़ी विद्या देवी ने गाेला फेंकने के बाद कहा कि वह 5 साल से खेलों में भाग ले रहीे है। उसका बेटा खिलाने लेकर जाता है। बेटा भी खेलता है। अब 55 साल की बेटी भी साथ में खेलने आती है। विद्या की बेटी राजेंद्री ने कहा कि वह पहली बार खेलने आई है। गोला फेंक व भाला फेंक में भाग लिया है। पिता शिव सिंह भी खेलते हैं। राजेंद्री ने कहा कि उनका भाई जगवीर सिंह मोटिवेट करता है। वो खुद के घर के बाहर गार्डन में भी खिलाते हैं। माता-पिता को खेलना अच्छा लगता है। मैं पहली बार आई हूं। मुझे भी अच्छा लगा है। अलवर शहर के 95 साल के खिलाड़ी लल्लूराम सैनी ने कहा कि दौड़ में भाग लेने आया हूं। 100 मीटर दौड़ लगाने के बाद खुशी जाहिर की। लल्लूराम ने कहा कि रोजाना घर भी थोडा बहुत दौड़ता हूं। BSF के जवान ने कहा – एशिया में रेकॉर्ड बना चुका चूरू के खिलाड़ी व बीएसफ के जवान अनिल ने कहा कि 23 एशियन खेलों में 5 किलोमीटर में पैदल में नया रिकॉर्ड बनाया था। पैदल चाल में भी रेकॉर्ड बनाया है। अलवर में मास्टर एथलीट में दोनों इवेंट में प्रथम रहा हूं। मेरे कोच ईश्वर लांबा है। राजस्थान मास्टर स्टेट एथलेटिक्स संघ की सचिव लक्ष्मी स्वामी ने बताया कि अलवर में हो रही राजस्थान मास्टर स्टेट एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 300 एथलीट पहुंचे। यहां से चयनित केरल में 28 जनवरी से केरल में भाग लेंगे। नेशनल में बेस्ट आने वाले वर्ल्ड मास्टर चैंपियनशिप के लिए साउथ कोरिया में जाएंगे। यहां 30 से 95 साल के खिलाड़ी पहुंचे हैं। यहां दौड़, लंबी कूद, डिस्कस थ्रो सहित कई खेल हुए। आरआर कॉलेज में आए 70 प्लस के खिलाड़ी रामफल सैनी ने कहा कि एशियन चैंपियनशिप में भारत की तरफ से भाग ले चुका हूं। वहां चौथा स्थान आया था। वर्ल्ड मास्टर चैंपियनशिप में मेरा चयन हो चुका है। यहां पहले स्थान पर आया हूं।


