एमपी-राजस्थान के 12 जिलों के 950 लोगों को 25 करोड़ की चपत लगाने वाले मल्हारगढ़ के अजय राठौर व पिपलियामंडी के आदित्य पालीवाल बचपन के दोस्त निकले। 10वीं तक पढ़े अजय ने 3 साल तक मुंबई में ट्रेडिंग की ट्रेनिंग ली थी। वापस आकर 12वीं तक पढ़े दोस्त आदित्य के साथ फर्जी कंपनियों का गणित निकाला और लोगों को लालच में उलझाते गए। निवेशकों से इनका एक सूत्र वाक्य था ‘2 साल हमें दो, पूरी जिंदगी घर बैठे खाओ’। अजय 80 लाख रुपए कीमत की जगुआर कार का रौब दिखाता तो आदित्य गनमैन के साथ घूमने का शौकीन रहा। इनसे प्रभावित होकर कई लोग निवेश करते गए। इधर पुलिस मामले में ब्लैक मनी वाले एंगल को लेकर भी पड़ताल कर रही है। ‘भास्कर’ की खबर के बाद मप्र कांग्रेस एक्टिव हुई और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के साथ आरोपी की फोटो शेयर कर सवाल उठाए। वहीं फरारी में अजय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आएगी तो बीजेपी ही। अजय के पिता बोले- बेटे से कोई संबंध नहीं, संपत्ति से बेदखल किया अजय के पिता महेशकुमार राठौर ने रविवार को थाने में आवेदन देकर बताया कि पुत्र अजय की गलत हरकतों की वजह से उसे 3 साल पहले ही संपत्ति से बेदखल कर चुका हूं। अब उससे कोई लेना-देना और संपर्क तक नहीं है। महेश ने बताया कि फ्रॉड होने पर कई लोग रोज घर आकर झगड़ा कर रहे हैं। आरोपी अजय राठौर 80 लाख रुपए की जगुआर के साथ। आरोपी आदित्य पालीवाल बंदूकधारी सुरक्षाकर्मियों के साथ। एमपी कांग्रेस ने डिप्टी सीएम के साथ अजय की फोटो पोस्ट कर सवाल उठाए। टीमें लगातार तलाश कर रहीं ^25 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपी अजय व आदित्य की तलाश में टीमें लगातार सक्रिय हैं। तकनीकी साक्ष्य भी जुटा रहे हैं। लोगों से अपील है कि इस तरह के लालच व प्रलोभन में निवेश करने को लेकर जागरूकता बरतें।’ – अभिषेक आनंद, एसपी मंदसौर निवेशक बोले- पुलिस 23 नवंबर को चेत जाती तो दोनों आरोपी गिरफ्त में होते दोनों आरोपी फरार हैं। वहीं मामले में निवेशक अब तक परेशान हैं। नारायणगढ़ के विनय कुमठ, झार्डा के प्रदीप तिवारी, हेमंत तिवारी, भरत देवड़ा, प्रवीण सोनगरा समेत अन्य ने बताया कि 23 नवंबर को मामले में शिकायती आवेदन दिया था। वायडी नगर थाने के जिम्मेदार चेत जाते तो आरोपी गिरफ्त में होते। केवल जिले से ही 150 से 200 लोग उस वक्त अधिकारियों के पास पीड़ा बताने गए थे। थाना प्रभारी संदीप सिंह मंगोलिया को भी सूचना दी थी लेकिन वे थाने से 200 मीटर दूर भी विवेचना करने नहीं पहुंचे। निवेशकों ने बताया कि अंतत: कांग्रेस नेता सोमिल नाहटा के जरिए राधौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह से मिले और विषय बताया, तब वायडी पुलिस ने एफआईआर की।


