रांची नगर निगम ने स्थगित किए गए 28 इन्फोर्समेंट कर्मियों को 1 साल का एक्सटेंशन दे दिया है। पिछले वर्ष चुटिया में दुकानदार से घूस लेने के मामले में तत्कालीन प्रशासक अमित कुमार ने इन्फोर्समेंट कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए 30 कर्मियों की सेवा को स्थगित कर दिया था। लेकिन, एक बार फिर 30 में से 28 कर्मियों की सेवा बहाल कर दी गई है। मालूम हो कि घूस लेने के मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया था। हाईकोर्ट ने नगर निगम से इस मामले में जवाब मांगा था। इसके बाद निगम के प्रशासक ने इन्फोर्समेंट कर्मचारी की सेवा स्थगित कर दी थी। नगर निगम ने झारखंड हाईकोर्ट को भी इसकी सूचना दी थी। इन्फोर्समेंट कर्मियों पर वसूली का लगता रहा है आरोप नगर निगम ने शहर में नगर निगम अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और बेहतर व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से इन्फोर्समेंट कर्मचारी की नियुक्ति की थी। लेकिन बाद में बहाल किए गए अधिकतर इन्फोर्समेंट कर्मचारी वसूली में लग गए। दुकानदारों से ट्रेड लाइसेंस के नाम पर पॉलिथीन के नाम पर सड़क पर बिल्डिंग मटेरियल गिरने वालों, सड़क के किनारे ठेला खोमचा लगाने वालों से प्रति माह पैसे की वसूली होने लगी। इसकी शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन प्रशासक ने बाद में बहाल किए गए इन्फोर्समेंट कर्मचारी की सेवा स्थगित कर दी थी।


