इंदौर में एक होम्योपैथ डॉक्टर को नशे की ऐसी लत लगी कि उसे पूरा करने बैंकों से पांच लाख का रुपए का लोन ले लिया। क्राइम ब्रांच ने जब उसे पकड़ा तो वह लड़कियों की ड्रेस में था। उसके मोबाइल फोन भी ऐसे कुछ फोटो मिले हैं। मनो चिकित्सक का कहना है कि यह सेक्शुअल आइडेंटिटी विकार है। उसकी यह स्थिति नशे के कारण नहीं है, जान-बूझकर वह ऐसा कर रहा है। थर्टी फर्स्ट की पार्टियों में नशे की सप्लाई रोकने और ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें काम कर रही थी। होटलों, रेस्टोरेंट्स, बार, पब पर इन टीमों की नजरें थी। टीम को तुलसी नगर निपानिया में होटल मिडलैंड इन होटल में ड्रग्स की सूचना मिली। टीम ने यहां दबिश दी और तुलसी नगर निवासी भारत चौरसिया को पकड़ा। रीवा जिले का रहने वाला भारत पिछले तीन महीने से हाेटल में केयर टेकर का काम कर रहा था। इसके पहले वह शहर की कई होटलों में पिछले तीन साल में काम कर चुका है और नशा करने का आदी है। उसकी सूचना पर क्राइम ब्रांच ने बजरंग नगर निवासी योगेश लड़इया को भी पकड़ा। वह पेशे से BHMS होम्योपैथ डॉक्टर है और ड्रग्स का आदी है। दोनों के पास से 30 ग्राम एमडी ड्रग्स और ढाई किलो गांजा, तीन मोबाइल फोन सहित 5 लाख 57 हजार रुपए का माल बरामद किया गया है। नशे में महिलाओं जैसी हरकत करता था
क्राइम ब्रांच ने जब मंगलवार रात को आरोपी डॉक्टर योगेश लड़इया को पकड़ा था, तब वह लड़की की ड्रेस में था। उसके मोबाइल फोन में भी कुछ ऐसी फोटो मिली है। क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया- डॉक्टर मानसिक रूप से विक्षिप्त लगता है। ड्रग्स लेने के बाद महिलाओं जैसी हरकत करता था। उसे लगता था कि उसे काफी खुशी मिलती है। वह खुद में ही ऐसी हरकतें करता था। ये हरकतें वह बंद कमरे में करता था। इसके बारे में भी परिवार को जानकारी नहीं है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया- डॉक्टर को 6 माह पहले ड्रग्स लेने की लत लगी। उसे जानकारी मिली थी कि होटल में ड्रग्स मिलती है। इसलिए उसने वहां संपर्क किया। यहां डॉक्टर और भारत दोनों ड्रग्स खरीदते थे। डॉक्टर को ऐसी लत लगी कि वह 4 से 5 हजार रुपए में 1 ग्राम ड्रग्स खरीदता था। समय के साथ-साथ उसके ड्रग्स लेने का डोज भी बढ़ गया। दो हजार रुपए रोज कमाता था डॉक्टर
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में सामने आया कि योगेश के पास BHMS की डिग्री है। उसकी फीस 200 रुपए है और 2 हजार रुपए रोज कमाता था। मगर नशे की लत के चलते उसे यह पैसा भी कम पड़ता था। पिछले छह महीने से वह ड्रग्स ले रहा है। परिवार को इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। बैंकों से ले लिया 5 लाख रुपए का लोन
अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए डॉक्टर अलग-अलग बैंकों से पांच लाख रुपए तक का लोन ले चुका है। इस बारे में और जानकारी निकाली जा रही है। जांच में सामने आया है कि वह मुंबई और लोकल व्यक्ति से ड्रग्स लेता था। जिस स्थानीय व्यक्ति का नाम सामने आया है उसकी भी तलाश की जा रही है। डॉक्टर का ऐसा नशा करना, रेयर केस
इस मामले में दैनिक भास्कर ने सीनियर मनोचिकित्सक और मेडिकल कॉलेज इंदौर के पूर्व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रामगुलाम राजदान से बात की। उन्होंने कहा- कुछ लोगों में ऐसा होता है। इसे सेक्शुअल आइडेंटिटी विकार या सेक्शुअल प्रवर्शन कहा जा सकता है। आमतौर पर डॉक्टर इस तरह नशा नहीं करते। ऐसे में ये रेयर केस है। सेक्शुअल प्रवर्शन नशे के कारण नहीं है या कहें की ऐसी मानसिक स्थित नशे के कारण नहीं है। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… लड़कियों की ड्रेस में ड्रग्स के साथ पकड़ाया डॉक्टर इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक डॉक्टर को एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब ये कार्रवाई की उस दौरान डॉक्टर लड़कियों की ड्रेस पहने मिला। पुलिस ने उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…


