केरल राज्य के कोट्टायम जिले के पेरुन्ना गांव में 2 जनवरी 1878 को जन्म लेने वाले समाज सुधारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और नायर सर्विस सोसायटी के संस्थापक मन्नथु पद्मनाभन पिल्लई की 148वीं जयंती गुरुवार को भोपाल में उत्साह से मनाई गई। भोपाल नायर समाज ने इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें मन्नम को पुष्पांजलि देकर याद किया गया और बच्चों-महिलाओं को उनके संघर्ष की कहानी सुनाई गई। श्री मन्नम भवन पिपलानी में शाम 6 बजे दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महिलाओं और बेटियों ने मलयाली और हिंदी भाषा में गाने और विभिन्न वाद्य यंत्रों के माध्यम से संगीत प्रस्तुत किया। जिसे खूब सराहा गया। इसके पहले भोपाल नायर समाज के अध्यक्ष एजी वल्लभन ने कहा कि भारत केसरी मन्नथु पद्मनाभन समाज सुधारक थे। उन्होंने नायर समुदाय के उत्थान के लिए अथक प्रयास किए। वे एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने केरल में कई स्कूल और कॉलेज स्थापित किए और केरल के सामाजिक पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाज के महासचिव केके विजय कुमारन ने समाज की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें भोपाल में बीएनएस की गतिविधियों को शामिल किया गया। बता दें कि समाज सेवक मन्नम ने साल 1893 में सरकारी स्कूल से प्राथमिक शिक्षक के रूप में करियर की शुरूआत की। वे उत्तर मझुवन्नूर के सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक रहे। 1905 में उन्होंने अपना पेशा बदल लिया और मजिस्ट्रेट न्यायालयों में कानून का अभ्यास करना शुरू कर दिया।


